कोरबा(खटपट न्यूज़)। एसईसीएल के दीपका परियोजना के अधीनस्थ ठेका कंपनी नागार्जुन इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन के साइलो, सीएचपी को आज फिर ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति और पीड़ित मजदूरों ने सुबह 6 बजे से बंद कर दिए हैं।

विदित हो कि नागार्जुन इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 1 दिसंबर 2021 से साइलो सीएचपी मे अपना कार्य प्रारंभ किया है तभी से ऊर्जाधानी भू विस्थापित किसान कल्याण समिति के पदाधिकारी ने मजदूरों के विभिन्न मांगो के लेकर आंदोलन शुरू कर दिए हैं।इस बीच अनेकों बार एसईसीएल प्रबंधन, भू विस्थापित संगठन और ठेका कंपनी के मध्य त्रिपक्षीय समझौता हुआ था लेकिन ठेका कंपनी ने आज तक न मजदूरों को बहाल किया, न आई कार्ड प्रदान किया और न ही कार्यरत मजदूरों को वेतन भुगतान कर सका जिसको लेकर आज ऊर्जाधानी भू विस्थापित किसान कल्याण समिति दीपका इकाई के द्वारा हल्ला बोल दिया है। पिछले 10 फरवरी के बैठक में तय किया गया था कि 10 दिवस के भीतर सभी मांगो को पूर्ण किया जाएगा,लेकिन आज 6 मार्च तक पूर्ण नहीं कर पाई। आज गुस्सा फूट पड़ा है। आंदोलन में प्रमुख रूप से प्रकाश कोर्राम, गजेंद्र सिंह ठाकुर,बसंत कंवर (सरपंच बेल्टकरी) रविन्द्र जगत (भूत पूर्व सरपंच चैनपुर), अमरीका प्रसाद कोर्राम(पूर्व सरपंच सिर्कि) धरम सिंह नेताम ( पूर्व सरपंच रेंकी), रजनीश मरावी ( उप सरपंच तीवरता)बसंत कोर्राम( उप सरपंच बेल्टकरी)संतोष चौहान,मुकेश यादव,बसंत चंद्राकर,राजू सरदार,रोहित कश्यप,कुलदीप राठौर,भागीरथी यादव,रेणुका कश्यप,पूनम कश्यप, त्रिवेणी बाई,गीता कुमारी मरकाम,सोनिया कुमारी, कौशिल्या मरावी,गौरी बाई यादव, पवारा बाई व अन्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।















