एसईसीएल की कुसमुंडा परियोजना खदान में डीजल चोरों का दुस्साहस एक बार फिर शुरू हो गया है। भले ही यहां पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी में त्रिपुरा राइफल्स की भी तैनाती कर दी गई है लेकिन उन्हें भी धता बताने की कोशिश होने लगी है। दुस्साहस इतना है कि खुद को पकड़ने से बचाने के लिए अब डीजल चोर फायरिंग भी करने लगे हैं। विगत दिनों इस तरह की घटना सामने आई है जो स्थानीय सूत्रों के मुताबिक सच है। हालांकि हवाई फायरिंग हो या गोलीबाजी, दोनों ही कानून व्यवस्था की दृष्टि से उचित नहीं है। प्रारंभिक पड़ताल में गोली चलाने की पुष्टि भले ना हुई हो लेकिन घटना तो हुई है।

कोरबा (खटपट न्यूज़)। डीजल चोरों के लिए दुधारू गाय की तरह बन चुकी कुसमुंडा खुली खदान डीजल चोरों के निशाने पर अब भी है। पुलिस की सख्ती के बाद कहने को तो डीजल की चोरी रुक गई है लेकिन पर्दे के पीछे का सच यही है कि खदान से डीजल की चोरी बदस्तूर जारी है। चोरों ने पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए अपना पैटर्न बदल लिया है लेकिन डीजल के कारनामे वही पुराने लोग कर रहे हैं। खदान क्षेत्र से डीजल की चोरी उस वक्त ज्यादा सुर्खियों में आई जब यहां साइडिंग पर गोली कांड हुआ। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने इस मामले में नीर-क्षीर और काबिले-तारीफ विवेचना करते हुए गोलीकांड का सच सामने लाया।इसका षड्यंत्र रचने वाले लोग सलाखों के पीछे हैं। दूसरी तरफ जो लोग इस आपराधिक षड्यंत्र में लपेटे जाने से बाल-बाल बचे उनमें से पश्चिमांचल के लोग डीजल की चोरी में अपना वर्चस्व कायम करने जुट गए हैं। पुलिस अब तक खदान क्षेत्र के बाहर निकल कर जरीक़ेनों में ले जाने वाले डीज़ल को पकड़ती रही है किंतु अब चोरों ने पैटर्न बदल कर इसे खदान के भीतर ही अंजाम देना शुरू कर दिया है। ऐसे में पुलिस को भनक लगना मुश्किल है।
सूत्र बताते हैं कि खदान के भीतर खड़े डंपर, डोजर, मशीन और अन्य भारी वाहनों से डीजल की चोरी कर अब उसे बाहर नहीं लाया जाता बल्कि खदान के भीतर ही चलने वाले रोड सेल के ट्रकों में खपा दिया जाता है। पिछले गुरुवार-शुक्रवार (27 जनवरी) की रात को ऐसा ही घटनाक्रम यहां चोरों के द्वारा वर्कशॉप नम्बर 3 में किया जा रहा था जिसकी सूचना मिलने पर त्रिपुरा राइफल्स के जवान पहुंचे थे। जवानों को देख दो कैम्पर वाहन में सवार डीजल चोरों ने भागने में भलाई समझी। त्रिपुरा राइफल्स के जवानों ने इन्हें आगे और पीछे से जब दबोचने के लिए घेरा तब दो से तीन राउंड हवाई फायर करते हुए डीजल चोर हमलावर रुख अपनाए। इससे डरकर राइफल्स के जवान किनारे हो गए और चोर भाग निकले। इस घटनाक्रम के बाद जवानों में नाराजगी की बातें सामने आ रही हैं। हालांकि इस नाराजगी की पुष्टि करने के लिए कमांड हेड मेजर कृपाल सिंह से बात करनी चाही गई लेकिन उनका फोन आउट ऑफ कवरेज मिला।
0 नेताजी के आदमी पर तान दी थी बंदूक
सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि लगभग 1 सप्ताह पहले त्रिपुरा के जवानों के साथ इलाके के एक नेता जी के आदमी की जमकर कहासुनी हो गई थी। स्टीम कोयला गिराने के नाम पर यहां जब माहौल गर्म हुआ तब त्रिपुरा राइफल्स के जवान पहुंचे और नेताजी के एक आदमी को पकड़कर उसकी अच्छी खासी खबर ली। जानकारी होते ही नेता जी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान खासा बवाल मचा और त्रिपुरा के जवानों ने बंदूक भी तान ली थी। इस घटना के बाद जवानों को बंदूक संबंधी उनके अधिकार समझाए गए और किसी भी सूरत में ऐसा कदम नहीं उठाने की हिदायत दी गई। इसके बाद क्यूआरटी टीम असामाजिक तत्वों के लिए एक्टिव हुई तो उसे भी भगाने के लिए हवाई फायरिंग का सहारा लिया गया। सूत्र बताते हैं कि इस घटनाक्रम के बाद डीजल चोरों द्वारा अपनी क्षमता दोगुनी कर दी गई है।
00 सत्या पाल 00 (799928116)















