कटघोरा जनपद पंचायत में प्रशासनिक व्यवस्था और जन व पंचायत प्रतिनिधि होने की पदीय गरिमा को मजाक बना लिया गया है। अपने हिसाब से काम करने और कराने की कोशिशों में न सिर्फ माहौल को बिगाड़ने का कार्य होता रहा बल्कि कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। हंगामा, प्रदर्शन और तालाबंदी की नौबत लाकर जिस सीईओ को हटाया गया, अब उसी को फिर से पदस्थ कराने का गणित गुंताड़ा शुरू हो गया है। पहले तकरार के बाद अब उमड़े प्यार ने असंतुष्टि को अपार संतुष्टि की लहर में तब्दील कर दिया है। समर्थन पत्र जारी होने के बाद फिर बैक फुट पर हैं।

कोरबा (खटपट न्यूज)। कटघोरा जनपद पंचायत में कभी हटाकर-कभी लाकर 5-6 बार पदस्थ किए गए सीईओ हरनारायण खोटेल को यहां के पंचायत और जनप्रतिनिधियों ने हमेशा सवालों के घेरे में रखा। जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती लता कंवर से लेकर उपाध्यक्ष, जनपद सदस्यों के अलावा जनपद पंचायत कटघोरा के सरपंच संघ ने खोटेल के विरुद्ध मोर्चा खोला। कार्यशैली एवं व्यवहार को द्वेषपूर्ण बताकर जनप्रतिनिधियों से अपमानजनक व्यवहार करना, जन कल्याणकारी तथा विकास कार्यों को बाधित रखना, कार्यालयीन व्यवस्था ठीक नहीं रहना, कार्यादेश एवं राशि जारी करने के एवज में जनप्रतिनिधियों को अपशब्द कहना, उनके कार्य से सरपंच, सचिव और जनपद प्रतिनिधियों की असंतुष्टि के आरोप लगाए गए। बार-बार कटघोरा जनपद में पदस्थ करने पर सवाल उठाते हुए उन्हें स्थानांतरण करना उचित बताया गया। विगत वर्ष के अंतिम माह में तालाबंदी की नौबत आई और आखिरकार जनपद सदस्यों और सचिवों के अनिश्चितकालीन हड़ताल को सरपंच संघ ने भी अपना समर्थन दिया। इसके बाद सीईओ को कलेक्टर ने अवकाश पर भेज दिया। 1 दिसंबर 2021 से 15 दिन के अवकाश पर गए खोटेल की जगह पाली जनपद के सीईओ वीके राठौर को प्रभारी सीईओ बनाया गया। खोटेल के जाते ही 2 दिसंबर से जनपद अध्यक्ष, सचिवों, सदस्यों व कटघोरा जनपद के सरपंचों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित कर कलेक्टर को सूचित किया। यह टिप्पणी भी की गई कि यदि भविष्य में खोटेल की पदस्थापना कटघोरा जनपद में की जाती है तो उसी तारीख से हड़ताल पुन: प्रभावशील मानी जाए।
0 डेढ़ माह बाद हृदय परिवर्तन
इस पूरे घटनाक्रम के करीब डेढ़ माह बाद शिकायतकर्ताओं के व्यवहार में परिवर्तन आ गया और सीईओ खोटेल को यथावत रखने की मांग संबंधी पत्र 21 जनवरी को कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर दिया। 10 जनपद सदस्य सहित सरपंच संघ के अध्यक्ष और 32 सरपंचों ने वापस लाने कहां है0खोटेल के कार्य और व्यवहार से अब ये सभी संतुष्ट हैं और किसी तरह की कोई शिकायत व परेशानी नहीं होना बताकर उनके विरुद्ध आंदोलन नहीं करने व आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने का आग्रह करते हुए खोटेल को कटघोरा में यथावत रखने का आग्रह किया है। सरपंच संघ कटघोरा जनपद के अध्यक्ष होरीसिंह कंवर ने खोटेल के व्यवहार व कार्यशैली को अच्छा बताकर आज तक किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं करने की बात कही है। पूर्व में की गई शिकायत को व्यक्तिगत स्वार्थ एवं द्वेषपूर्ण बताया गया है।


0 बड़ी तेज चाल चल रहे जनपद सदस्य और सरपंच : जनपद की ड्रामेबाजी में सरपंच और जनपद सदस्य बड़ी तेज चाल चल रहे हैं। 21 जनवरी को इन्होंने कलेक्टर को लिखे पत्र में जहां एचएन खोटेल को यथावत रखने की मांग की है वहीं यह पत्र सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद आज पुनः एक अन्य पत्र जनपद सदस्य और कटघोरा जनपद सरपंच संघ ने कलेक्टर को देते हुए स्मरण दिलाया है कि यदि खोटेल को पुनः कटघोरा जनपद में पदस्थ किया जाता है तो 2 दिसंबर से स्थगित हड़ताल फिर से प्रभावी मानी जाएगी।
कटघोरा जनपद में हो रही ड्रामाबाजी के बीच यह बड़ा सवाल है कि क्या एचएन खोटेल ही कटघोरा जनपद के सीईओ बनने की काबिलियत रखते हैं या फिर उनमें मैनेज करने की क्षमता बड़ी गजब की है। पंचायत प्रतिनिधियों को या तो अपने अधिकार पता नहीं हैं या फिर वे पर्दे के पीछे से किसी के ईशारे पर काम करने के लिए मजबूर हैं। वजह जो भी हो लेकिन यह बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और सक्रिय जनप्रतिनिधित्व के मामले में कतई उचित नहीं। सूत्र बताते हैं कि सुबह-सुबह सरकारी गाड़ी में घूमने वाले कुछ सरपंच मैनेजमेंट का अच्छा खेल, खेल रहे हैं।
















