0 दूर-दराज से आने वाले किसानों की मजबूरी को बदल रहे अवसर में
कोरबा(खटपट न्यूज़)। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, कोरबा शाखा में रुपए लेने पहुंचने वाले किसानों को उनकी रकम में से रुपए कटौती कर भुगतान करने का मामला सामने आया है। किसान आहरण के लिए जो राशि फार्म में भरते हैं, उससे 200 से लेकर 1000 रुपए कटौती कर भुगतान किया जाता है। इसका कारण चौकाने वाला है।

धान खरीदी के मौसम में किसानों का अपनी बिक्री राशि प्राप्त करने के लिए बैंकों में पहुंचना जारी है। बैंकों में लगने वाली लंबी कतार और धीमी गति से होने वाले कामकाज की अव्यवस्था को दुरुस्त करने की बजाय बैंक के कुछ कर्मियों ने नया रास्ता इजाद कर लिया है। जिन किसानों को अपना काम जल्दी कराना होता है, उनसे भेंट चढ़ावा लिया जा रहा है। कोरबा शाखा में कोरकोमा, श्यांग, लेमरू जैसे वनांचल क्षेत्रों से भी किसान राशि प्राप्त करने आते हैं। सोमवार को धान खरीदी की रकम प्राप्त करने पहुंचे ऐसे ही कुछ किसान मिले जिनको कम रुपये दिए गए। एक किसान ने बताया कि उसने 27 हजार रुपए निकालने के लिए फार्म भरा था, उसे 26 हजार रुपए भुगतान किया गया।
एक अन्य किसान ने 20 हजार रुपए निकालने के लिए फार्म भरा जिसे 200 रुपए काटकर बाकी रुपए दिए गए।
अपना काम जल्दी निकलवाने वाले कुछ चतुर लोगों की वजह से बाकी भोले-भाले किसानों को अपना झोला या चप्पल रखकर कतार में लगना पड़ता है। जल्दी काम बनाने के एवज में कमीशनखोरी का यह तरीका गलत है। कुछ किसानों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जल्दी रुपए प्राप्त करने के लिए काउंटर पर जाकर पर्ची देना होता है और निकलने वाले रकम से कटौती कर ली जाती है। यदि ऐसा न करना हो तो कतार में खड़े होकर घंटों तक इंतजार करना पड़ता है और बैंक कर्मचारी धीमी गति से काम कर और कई तरह के अड़ंगे बताकर किसानों को चढ़ावा देने के लिए मजबूर करते हैं। इस तरह की परंपरा पर रोक लगाने और खास अवसरों पर उपभोक्ताओं को समस्या न हो, इसके लिए व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)















