कोरबा,(खटपट न्यूज़)। एसईसीएल की गेवरा परियोजना में कार्यरत एवं आने वाली कंपनियों के द्वारा स्थानीय बेरोजगार युवाओं की उपेक्षा की जा रही है। की जाने वाली भर्ती में स्थानीय युवाओं की उपेक्षा से नाराज जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष अजय जायसवाल के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामवासियों ने कल सोमवार को सीजीएम दफ्तर का घेराव कर दिया। आक्रोश मिश्रित प्रदर्शन में अधिकारियों को जवाब देते नहीं बना। 10 दिन का अल्टीमेटम अधिकारियों को दिया गया है। इसके उपरांत उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

गेवरा परियोजना में मेंटेनेंस, ओवरबर्डन, कोयला खनन व परिवहन सहित अन्य तरह के कार्य ठेका पर दिए गए हैं। इन कार्यों का ठेका प्राप्त करने वाली निजी कंपनियों के द्वारा की जाने वाली भर्तियों में स्थानीय युवाओं की पूरी तरह से उपेक्षा की जा रही है। परियोजना प्रभावित ग्राम भिलाईबाजार, रलिया, हरदीबाजार, मुढ़ियानार, हरदीकला, बरभांठा, विजय नगर आदि के बेरोजगार युवाओं को किसी भी तरह से भर्ती नहीं लिया जा रहा है। इससे स्थानीय बेरोजगारों और भू-विस्थापितों में आक्रोश व्याप्त हैं, वहीं एसईसीएल प्रबंधन की ओर से कोई पहल भी नहीं हो रही है। इससे नाराज पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने सीजीएम दफ्तर का घेराव कर दिया।

सुबह करीब 10 बजे से यहां लोग इक_ा और मुख्य द्वार को जाम कर दिया। इस दौरान अजय जायसवाल ने चर्चा के लिए सीजीएम मोहंती को बुलाने के लिए कहा जो अवकाश पर होने के कारण जीएम आपरेशन से चर्चा कर 10 दिन के भीतर स्थानीय युवाओं को ठेका कंपनियों में काम दिलाने का अल्टीमेटम दिया गया। श्री जायसवाल ने कहा कि नोडल अधिकारी तय कर लिया जाए जो यह सुनिश्चित करें कि किस ठेका कंपनी में कितनी वैकेंसी है और वैकेंसी के आधार पर 60 से 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को काम दें। खदान के ऊपर और खदान के अंदर काम करने वाले युवाओं को अनुभव प्रमाण पत्र भी प्रदान करें। यदि 10 दिन के भीतर इस विषय पर काम नहीं होता है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। श्री जायसवाल ने यह भी कहा कि कंपनियों के द्वारा पैसा लेकर रोजगार दिया जा रहा है और यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई तो सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)















