0 नरेन्द्र जायसवाल की पुण्य स्मृति में कलश यात्रा के साथ कथा का हुआ शुभारंभ
कोरबा(खटपट न्यूज़)। माता-पिता वही धन्य हैं जिनके पुत्र भागवत कथा कराते हैं। भागवत कथा कोई पैसे से नहीं करा सकता, कोई पुरूषार्थ से भी नहीं करा सकता बल्कि भगवान की कृपा होने से ही भागवत कथा का संयोग बनता है। भागवत कथा का आयोजन और श्रवण दोनों ही ईश्वर कृपा पर निर्भर है। भागवत की गंगा पापों का विनाश करने वाली है।

कोतवाली परिसर में 28 नवंबर से 5 दिसंबर तक आयोजित हो रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस की कथा में व्यासपीठ से कथावाचक नागेन्द्र महाराज ने कहा कि भागवत स्वयं नारायण का स्वरूप है। भगवान द्वादश अंग वाले होते हैं और भागवत द्वादश स्कंद वाला, इसलिए भागवत को नारायण का स्वरूप माना गया है।
कोरबा निगम के वार्ड 4 में पुरानी बस्ती निवासी स्व. नरेन्द्र जायसवाल बिल्लू की पुण्य स्मृति में पितरों के निमित्त आयोजित हो रहे भागवत का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा सप्तदेव मंदिर से निकली जो करमा नृत्य व भजनों के साथ आतिशबाजी के बीच आयोजन स्थल तक पहुंची। रथ में कथावाचक नागेन्द्र महाराज सवार थे। कलश यात्रा में महिलाओं के साथ ही श्रृद्धालुगण शामिल हुए। कथा स्थल पर भागवत भगवान एवं नागेन्द्र महाराज की आरती स्व. नरेन्द्र जायसवाल के पुत्र व पुत्रवधु प्रकाश-पूजा एवं विकास-गोल्डी के द्वारा की गई।

कथा में स्व. नरेन्द्र जायसवाल की माता श्रीमती लक्ष्मी जायसवाल, पत्नी श्रीमती दुर्गा जायसवाल के साथ ही समस्त परिजन व कथा प्रेमी शामिल हुए। कोतवाली परिसर में प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक कथा श्रवण का लाभ लिया जा सकेगा। कथा को आस्था चैनल और फेसबुक पर भी लाइव सुना जा सकता है।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)















