0 आज होने वाला तहसील घेराव तो टलवा लिया, पर समाधान नहीं
कोरबा-देवलापाठ(खटपट न्यूज़)। करतला ब्लाक के ग्राम देवलापाठ में विशालकाय सरकारी भूमि पर धान की पैदावार करने के कारण विवाद की स्थिति का निराकरण करने की मांग प्रशासनिक उदासीनता के कारण धरी की धरी रह गई है।

बेजा-कब्जा कर बोए गए धान की फसल को जब्त एवं नीलामी कर उचित कार्यवाही करने 22 अक्टूबर को शिकायत के साथ की गई मांग पर 9 नवंबर को होने वाले बरपाली तहसील के घेराव को तहसीलदार ने 8 नवम्बर को सदभावना पूर्वक चर्चा कर फिलहाल टालने में सफलता अर्जित कर ली किंतु दूसरी ओर बेजा कब्जा धारियों को फसल काटने का मौका मिल गया। अब खेत में थ्रेसर, मजदूर लगवा कर फसल की धुआंधार कटाई शुरू कर दी गई है। जबकि पूर्व घटनाक्रम के अनुसार यह फसल प्रशासन द्वारा कटवा कर उसकी नीलामी किया जाना चाहिए था। प्रशासनिक आश्वासन पर शांत बैठ गए ग्रामीणों को लग रहा है कि वह कहीं न कहीं ठगे गए हैं और न्याय नहीं हुआ है। इस बारे में तहसीलदार सुश्री आराधना प्रधान से संपर्क किया गया किंतु उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। शिकायत का त्वरित निराकरण होना था जो करीब 20 दिन में भी नहीं होने से कब्जाधारियों को अवसर मिला।
0 शिकायत कर्ताओं की बजाय कब्जा धारियों को राहत ; इस बारे में शिकायतकर्ता दुर्गा प्रसाद ने बताया कि घेराव से 1 दिन पहले 8 नवंबर को तहसीलदार द्वारा हमें तहसील बुलाया गया था। तहसीलदार ने आश्वस्त किया कि किसी प्रकार का घेराव ना किया जाए और आवेदन अनुसार धान की जब्ती कर उसकी नीलामी कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उनके द्वारा स्थगन आदेश भी जारी किया जा रहा है, इसे हाथों हाथ कुछ देर बाद दे दिया जाएगा। इस आश्वासन पर शिकायतकर्ता वहां मौजूद रहे जबकि थोड़ी देर में दूसरे पक्ष से सरपंच पुत्र नरेंद्र बिंझवार के साथ जनपद सदस्य पति और कब्जा धारी लोग भी तहसील पहुंच गए थे। तहसीलदार ने स्थगन आदेश की कॉपी शिकायत कर्ताओं को न देकर सरपंच पुत्र को दे दिया, इसके बाद शाम से ही थ्रेसर लगा कर धान फसल की मिसाई और कटाई कराई जा रही है। पिछले साल 240 एकड़ में अवैध तरीके से धान बोया गया था और इस बार यह अपेक्षाकृत ज्यादा है। शिकायतकर्ताओं ने इस तरह की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
0 यह हुई थी शिकायत
ज्ञात हो कि शिकायत कर्ताओं द्वारा कलेक्टर को अवगत कराया गया है कि ग्राम देवलपाठ प.ह.न. 12 रानिम कोथारी तहसील करतला स्थित शासकीय भूमि पर लच्छीराम पिता महेत्तर, रामनाथ पिता महेत्तर एवं रामेश्वर पिता बोधराम के मृत्यु पश्चात उनके पुत्रों निवासी देवलापाठ के द्वारा पुनः छठवा वर्ष बेजा कब्जा कर धान का फसल बोया गया है। दिसम्बर 2016 एवं 2017 में सरपंच पुत्र नरेन्द्र कुमार बिंझवार पंच की सुपुर्दगी में धान की फसल को तहसीलदार करतला द्वारा जब्त कर नीलामी कराया गया था। उस समय प्रशासन ने सरकारी खर्च कर कब्जा से मुक्त कराया था। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर खासा बवाल भी मचा था। एक बार फिर उसी शासकीय भूमि पर पुनः इनके द्वारा वर्ष 2018-2019, 2020 एवं 2021 में धान का फसल बोया गया है। इस सबंध में सरपंच ग्राम पंचायत देवलापाठ को कई बार बोला गया पर कोई कार्यवाही नहीं किया गया । इससे स्पष्ट है कि सरपंच श्रीमती तेरस बाई बिंझवार का इन लोगो को संरक्षण प्राप्त है। 15 दिवस के भीतर बेजा कब्जा नहीं हटाया गया और सरपंच एवं दोषियों के विरूध्द कोई कार्यवाही नहीं किया गया, तो उप तहसील बरपाली का 9 नवम्बर को घेराव किया जायेगा। इसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन-प्रसाशन की होगी। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू से देवलापाठ वासियों संतराम बिंझवार, रामसाय बिंझवार, भरतलाल बरेठ, रामकुमार बिंझवार, साधराम साहू, दुर्गाप्रसाद साहू, प्रह्लाद साहू ने आग्रह किया है कि कब्जा हटाकर पुनः ग्राम देवलापाठ को बेजा कब्जा मुक्त कर सरपंच एवं दोषियों पर आवश्यक कार्यवाही की जाय। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार, उरगा थाना को भी प्रेषित की गई है।

00 सत्या पाल 00 (7999281136)















