कोरबा (खटपट न्यूज)। कोरबा जिला के शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में रेत का अवैध दोहन व खनन थमा नहीं है। कुछ विवादित रेत घाटों पर तथाकथित पाबंदी लगाने की बात खनिज महकमा दावे के साथ कह रहा है लेकिन इसी खनिज अमले की नाक के नीचे से और उसकी जानकारी में रायल्टी पर्ची का खेल धड़ल्ले से खेला जा रहा है। भंडारण की रेत बेचने का अधिकार जरूर प्राप्त है किन्तु इसमें भी रायल्टी की चोरी हो रही है।

विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि सुबह काटी गई एक रायल्टी पर्ची को दिन भर चलाया जा रहा है। एक टिकट में कई पिक्चर रेत माफिया दिखा रहे हैं और खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी दो-चार वाहनों पर कार्यवाही कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ले रहे हैं। विभाग के निरीक्षक उत्तम खुंटे के ही कंधे पर सारा दारोमदार टिका हुआ है जो हर जांच में रायल्टी पर्ची मिलना बताते हैं। कुछेक ट्रैक्टरों को पकड़ना भी जरूरी है लेकिन इसमें भी लीपा-पोती की गुंजाईश छूटी रहती है। सुबह जारी एक रायल्टी पर्ची दिनभर चलती है, यह महकमे को भी पता है किन्तु कार्यवाही के दौरान इसकी तस्दीक आखिर कौन और क्यों करे? पिछले दिनों अपुष्ट तौर पर यह बात भी सामने आई कि कोरबा एसडीएम कार्यालय परिसर में खड़े कराए गए रेत भरे दो ट्रैक्टर कार्यवाही से पहले ही गायब हो गए। रेत के अवैध कारोबार में बिना नंबर वाले ट्रैक्टर ज्यादातर उपयोग किए जा रहे हैं जो रेत माफियाओं के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है। शहर से लगे इलाकों के अलावा बरमपुर से भी अवैध रेत निकाली जा रही है जो सर्वमंगला पुल से होते हुए राताखार मार्ग से होकर शहर में खप रही है। सर्वमंगला पुल से राताखार मार्ग पर रेत के लिए श्मशान घाट तक को नहीं छोड़ा जा रहा। वार्ड के पार्षद ने 4-5 दिन पहले ही इन लोगों को पकड़ा और सख्त हिदायत देकर छोड़ा। पार्षद के मुताबिक फिलहाल यहां रेत की खुदाई बंद है।
0 कार्यवाही होना बताते हैं पर प्रमाण नहीं देते
खनिज विभाग की एक कार्यप्रणाली संदेह के दायरे में रहती है कि इनके द्वारा कार्यवाही करना तो बताया जाता है किन्तु प्रमाण देने से परहेज करते हैं। मोतीसागर पारा वार्ड के सीतामणी स्थित रेत घाट में ही नियम विरुद्ध भंडारण की अनुमति निरस्त करने के मामले में खनिज निरीक्षक उत्तम खुंटे ने बताया कि उनके द्वारा भंडारण अनुमति निरस्त करने का प्रतिवेदन तैयार कर कार्यवाही हेतु भेजा गया है। इसी तरह शिकायत की जांच में कुछ अनियमितता पाए जाने पर ठेकेदार जय कुमार सोनी के द्वारा जमा कराई गई सुरक्षा निधि 50 हजार रुपए को भी राजसात कर लिया गया है। इस संबंध में दस्तावेज चाहने पर उन्होंने बात कर्मचारी के ऊपर टाल दी किन्तु आज तक दस्तावेज नहीं दिए। हालांकि वार्ड पार्षद संतोष लांझेकर ने भी भंडारण अनुमति पर आश्चर्य जताते हुए निरस्त करने संबंधी आवेदन देने की बात कही है, पर यह कब तक होगा पार्षद ही जानें।
0 दलाल ने मिलाए सुर में ताल
खनिज विभाग के दफ्तर में डेरा डाले रहने वाले एक दलाल ने खनिज ठेकेदार से हाथ मिला लिया है। अब ये दोनों मिलकर भ्रष्टाचार रूपी कोढ़ में दलाली रूपी खाज पैदा करने का काम कर रहे हैं। विभागीय कर्मचारी और यहां काम के सिलसिले में आने वाले लोगों सहित ट्रैक्टरों के मालिक और खनिज कार्यों से जुड़े लोग भी इस दलाल के रवैए से परेशान हैं। दलाल के इशारे पर और इसकी दुर्भावना का शिकार हुए लोग कार्यवाही के दायरे में लाए जाते हैं जबकि यह दलाल खुद अवैधानिक रूप से खनिजों के दोहन में संलिप्त हैं। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू को चाहिए कि वे खनिज विभाग की गोपनीय निगरानी कराएं तो इस दलाल की अधिकारियों से सांठ-गांठ उजागर हो जाएगी।
0 भाजपा नेता अहम भूमिका में
जिले के सुदूर पसान क्षेत्र में भाजपा के एक नेता की रेत का अवैध कारोबार के मामले में तूती बोल रही है। वैसे भी यह चर्चा आम है कि इस भाजपा नेता के इशारे पर खनिज अमला काम कर रहा है। वैसे तो विभाग के पास अमले की कमी है लेकिन जो कुछ है, वे भी रेत माफियाओं के लिए नतमस्तक की भूमिका में हैं। भाजपा नेता के विरुद्ध पिछले दिनों रेत का अवैध खनन व परिवहन का मामला तेजी से उछाला गया तो कानूनी मुद्दा बन गया। हालांकि इन्होंने लीपा-पोती करवाकर मैनेज कर लिया है। अब ये डंके की चोट पर अवैध कार्य को अंजाम देकर सरकार को खासा नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसकी जानकारी सत्ता दल से वास्ता रखने वाले आम और खास नेताओं को भी है लेकिन वे भी अपने सरकार की किरकिरी होते देख रहे हैं।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)















