Monday, March 23, 2026
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प्रभारी मंत्री के सामने डीएफओ पर भड़के कंवर, केरकेट्टा ने कहा-हो जाएगा…जानें माजरा


0 चहेते लोगों का फर्जी बिल पर भुगतान ! जिन्होंने काम किया वो भटक रहे
कोरबा-कटघोरा (खटपट न्यूज)। कटघोरा में प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के सामने डीएफओ शमा फारुखी की शिकायत हुई। इस वक्त मौजूद लोगों के बताए अनुसार कटघोरा विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने नाराजगी भरे लहजे में सीधे कह दिया कि मैडम को यहां से हटाइए, इनके कारण पूरा विभाग परेशान है…। इस बीच सप्लायर ने प्रभारी मंत्री को शिकायत थमाया और मंत्री ने पूछा कि ये क्या है…तब तानाखार विधायक मोहित केरकेट्टा के सचिव ने डीएफओ को थोड़ा दूर ले जाकर चर्चा की और लौटे तो मोहित ने डीएफओ का पक्ष लेते हुए प्रभारी मंत्री को आश्वस्त किया कि जल्द ही सप्लायर का भुगतान हो जाएगा।

0 12 स्टाप डेम में मटेरियल सप्लाई का द्वेषपूर्ण रोका भुगतान, आरोप
वनमण्डल कटघोरा के अंतर्गत वन परिक्षेत्र जटगा में निर्मित 20 में से 12 स्टॉप डेम में प्रदाय किए सामग्री के भुगतान के संबंध में कोरबा प्रवास पर पहुंचे प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम से भी मटेरियल सप्लायर ने गुहार लगाई है। महामाया सेल्स के प्रोपराइटर मुकेश कुमार गोयल ने बताया कि उसके द्वारा वनमण्डल कटघोरा के अंतर्गत वन परिक्षेत्र जटगा में निर्मित कुल 20 में 12 स्टॉप डेम में तत्कालिक वन परिक्षेत्र अधिकारी के कार्यादेशानुसार छड़ सीमेंट प्रदाय किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप उक्त स्टॉप डेम पूर्ण हो सके हैं। उक्त स्टाप डेमों के सिविल कार्य में लगे मजदूरों का भुगतान तो वन मंडलाधिकारी द्वारा किया जा चुका है, लेकिन सामग्री किराया में नियोजित मजदूरों तथा छड़, सीमेंट का भुगतान आज पर्यन्त नहीं किया गया है। कई बार भुगतान की मांग को लेकर वन मण्डलाधिकारी कटघोरा से लिखित व मौखिक आग्रह किया जा चुका है, जिस पर उनके द्वारा कभी काम घटिया है, तो कभी रेंजर द्वारा दिया गया वर्क ऑर्डर नहीं चलेगा कहकर चक्कर लगवाया जा रहा है।
0 रेन्जर ने बनाया बिल, सत्यापन भी हुआ तो गलत कैसे
गौरतलब है कि 2018-19 में सीमेंट, छड़, गिट्टी, रेत इत्यादि का टेंडर हुया था, जिसमें (महामाया सेल्स) छड़, सीमेंट का दर लोएस्ट होने के कारण कार्यादेश दिया गया था, जिसके अनुरूप मेरे द्वारा स्थल तक पहुंचाकर छड़, सीमेंट प्रदाय किया गया था, जिसका बकायदा रेंजर ने बिल व्हाउचर बनाकर तात्कालिक एसडीओ का सत्यापन कराकर भुगतान के लिए डीएफओ कार्यालय गया है। डीएफओ द्वारा ऐसे ही अन्य रेंज में एवं जटगा रेंज में बाद में हुए टेंडर पर अपने चहेते ठेकेदारों व सप्लायरों के नाम पर लोवेस्ट कराकर सामग्री प्रदाय का वर्क ऑर्डर दिया गया है और बिना सामग्री लिए फर्जी बिल लगाकर भुगतान कर दिया गया है, लेकिन मुकेश कुमार द्वारा भुगतान मांगे जाने पर बिल व्हाउचर में ऐन-केन-प्रकारेण आपत्ति लगाकर तथा अधिकांश व्हाउचर में क्रय भण्डार नियम का पालन नहीं किया गया जैसे शब्दों का प्रयोग कर वापस कर दिया जाता है। मुकेश का आरोप है कि डीएफओ के द्वारा व्यक्तिगत द्वेषपूर्ण भावना से ऐसा किया जा रहा है। वर्तमान में उसके द्वारा प्रदाय किये गए सामग्री का कुछ भुगतान का डीडी 21/” माह पूर्व से बनवाकर रख लिया गया है, जिसे वन परिक्षेत्राधिकारी की मानें तो डीडी के एवज में 50 प्रतिशत अग्रिम कमीशन की मांग की जा रही है, जो दे पाने में हम असमर्थ हैं, इसके अलावा मेरे लगे जीएसटी युक्त बिल को निकलवाकर अपने चहेते सप्लॉयरों का फर्जी बिल लगाकर भुगतान जारी किये जाने का भी अनुमान जताया जा रहा है, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। मुकेश कुमार ने प्रभारी मंत्री से आग्रह किया है कि उसके द्वारा 12 स्टॉप डेम में प्रदाय किये गए सामाग्री (छड़, सीमेंट) का भुगतान अविलंब कराने व दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करें। इस दौरान तानाखार विधायक मोहित राम केरकेट्टा, कटघोरा विधायक पुरुषोत्तम कंवर, सांसद प्रतिनिधि हरीश परसाई, पालिका अध्यक्ष रतन मित्तल, अशरफ मेमन व अन्य कांग्रेस पदाधिकारी व ठेकेदार सहित सप्लायर भी उपस्थित थे।

00 सत्या पाल 00 (7999281136)

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