कोरबा(खटपट न्यूज़)। ग्राम पंचायत रजगामार में हुए करोड़ों रुपये की आर्थिक अनियमितता व भ्रष्टाचार की जांच के लिए दल गठित नहीं किया जा सका है। रामपुर क्षेत्र के विधायक ननकीराम कंवर की शिकायत के बाद भी जिला पंचायत सीईओ के द्वारा जांच के लिए दल का गठित न किया जाना उदासीन रवैया को दर्शाता है।

पूर्व गृहमंत्री व रामपुर विधायक ननकीराम कंवर ने जिला पंचायत सीईओ कुन्दन कुमार को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत रजगामार में निर्माण के नाम से बिना निर्माण किए तत्कालीन सचिव के द्वारा बिना सरपंच की सहमति से डीएससी के माध्यम से करोड़ो रुपए का बंदर बांट करने की शिकायत की थी। इसके संबंध में ननकीराम कंवर ने मांग किया है कि जांच दल गठित कर रजगामार पंचायत में दो वर्षों में किये गये कार्यों की जांच कराईजाए लेकिन पत्र लिखने के 15 दिन बाद भी जिला पंचायत द्वारा जांच दल गठित नहीं किया जाना प्रशासन का उदासीन रवैया है।

तत्कालीन सचिव कौशल सोनवानी का स्थानांतरण आदेश जारी करने के बाद भी जिला पंचायत सीईओ के आदेश की अवमानना करते हुए पदभार सचिव नागेंद्र दीवान को नहीं सौंपा गया है। अपने बचाव के लिए रिकॉर्ड में हेराफेरी व दुरुस्ती करने का कार्य तेजी से चल रहा है। उसके बाद भी सचिव कौशल सोनवानी पर प्रशासन की मेहरबानी समझ से परे है। ऐसे में ननकीराम कंवर जो हमेशा से भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रखर रहने वाले नेता के रूप में गिने जाते हैं, देखना है कि इस मामले में क्या वे जिला पंचायत को आड़े हाथ लेकर कोई कार्यवाही कराते हैं या किस अधिकारी अथवा कर्मचारी पर गाज गिरेगी? नजर इस बार रजगामार में हुये करोड़ों रुपये के आर्थिक घोटालों की जांच पर टिकी है।















