0 कुछ ही व्यवसायियों पर गिरी गाज, शेष को बख्शा
कोरबा(खटपट न्यूज़)। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले के नगरीय निकाय क्षेत्रों में जारी किया गया मंगलवार का साप्ताहिक पूर्ण लॉकडाउन चंद व्यवसायियों के कारण मजाक बनकर रह गया। लगता है कि ये कोरोना के खिलाफ प्रशासन की जंग में शामिल नहीं होना चाहते या फिर अपने व्यापारिक संगठन चेम्बर ऑफ कॉमर्स के द्वारा प्रशासन के साथ लिए गए निर्णय को मानने से गुरेज कर रहे हैं।

ऐसे लापरवाह व्यापारियों पर नगर निगम का मैदानी अमला भी कहीं न कहीं मेहरबान बना हुआ है। यह मेहरबानी मंगलवार को निगम प्रशासन द्वारा जारी की गई कार्रवाई से साफ दिखती है जिसमें मात्र 18 हजार रुपए अर्थदंड लगाने का उल्लेख किया है। कोसाबाड़ी से लेकर बुधवारी तक दुकानों का जिक्र निगम प्रशासन ने किया है और अन्य जोनों का हवाला देकर वहां के प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की बात कही है। निगम द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक संपदा अधिकारी श्रीधर बनाफर एवं उनकी टीम द्वारा कार्यवाही के दौरान मधु स्वीट्स निहारिका पर 2 हजार रूपये, जय मांॅ दुर्गा मिष्ठान भण्डार कोसाबाड़ी पर 2 हजार रूपये, वैभव स्वीट्स एण्ड बेकरी कोसाबाड़ी पर 2 हजार रूपये, रवि स्वीट्स निहारिका पर 2 हजार रूपये, सत्यम बेकर्स टी.पी.नगर पर 2 हजार रूपये, जय मॉं शारदा होटल बुधवारी पर 2 हजार रूपये, ऐश्वर्या स्वीट्स टी.पी.नगर पर 1 हजार रूपये कुल 13 हजार व अन्य क्षेत्र में खुली दुकानों पर कुल 5 हजार सहित कुल 18 हजार रुपए का जुर्माना करना दर्शित है। उपरोक्त दुकानों के अलावा क्या निगम क्षेत्र के आठों जोन को मिलाकर मात्र 5 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया?

जिन दुकानों पर कार्यवाही हुई, उन्हें इस बात का मलाल जरूर है कि मैदानी अमला कुछ ही क्षेत्र में कार्यवाही कर कर्तव्य की इतिश्री कर लेता है जबकि इस कार्यवाही के दौरान से लेकर देर शाम तक टीपी नगर, कोरबा जोन की कुछ दुकानें जिनमें होटल, डेयरी, सेव भंडार, अनाज के दुकान व अस्थाई दुकानें भी शामिल हैं वे खुली रहीं। उपनगरीय क्षेत्र में भी कमोबेश यही हालात रहे। बांकीमोगरा क्षेत्र में तो खुली कुछ दुकानों को निगम कर्मियों ने परिचय का हवाला देकर शटर गिरवा दिया और चलते बने वहीं क्षेत्र की बड़ी होटलें लोगों को खुली नजर आई। दूसरे उप नगरों में भी यही नजारा रहा और नगर निगम के सभी 67 वार्डों में से कुछ ही क्षेत्र में कार्यवाही की गई। निगम द्वारा निहारिका, कोसाबाड़ी, टी.पी.नगर, कोरबा एवं अन्य क्षेत्रों में खुली पाई गई अन्य दुकानों व प्रतिष्ठानों पर अर्थदण्ड की कार्यवाही की बात तो कही गई है लेकिन जुर्माना का आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि कार्यवाही में व्यवसायियों से भेदभाव किया जा रहा है या फिर सही आंकड़े निगम पेश नहीं कर पा रहा और कोरोना से लड़ने की चुनौती के इस दौर में पिछली बार की तरह खाना पूर्ति करने पर तत्पर है। कोरबा जोन जिसके अधीन पुराना शहर आता है, यहां क्षेत्र तो दूर, जोन कार्यालय के पास ही सुबह से अस्थाई दुकानें, स्थाई कुछ दुकानें, होटल, सेव भंडार, पुस्तक दुकान, अनाज दुकान के शटर खुले मिले। अस्थाई दुकान तो सुबह से लेकर शाम 5-6 बजे तक सहज ही नजर आए जिनमें भीड़-भाड़ लगी रही। इस विषय पर कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त व पुलिस अधीक्षक को संयुक्त रूप से संज्ञान लेकर जिम्मेदार अमलों और अधिकारियों को सख्त कार्यवाही की हिदायत देनी होगी तभी लापरवाह चंद व्यवसायियों की लापरवाही को रोका जा सकेगा।
0 कलेक्टर व आयुक्त की अपील: कलेक्टर श्रीमती रानू साहू एवं नगर निगम आयुक्त कुलदीप शर्मा ने आम जनता से अपील की है कि वे कोविड प्रोटोकाल का पूर्ण रूप से पालन कर कोरोना संक्रमण के खिलाफ जारी लड़ाई में प्रशासन को पूरा सहयोग दें। व्यापारियों से अपील की गई है कि वे मंगलवार को घोषित पूर्ण लॉकडाउन में किसी भी तरह की दुकान न खोलें और अपने प्रतिष्ठानों को पूर्णत: बंद रखें। कलेक्टर ने कहा है कि सभी की सतर्कता एवं सहयोग से हम कोरोना की संभावित तीसरी लहर को आने से रोक सकेंगे।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)















