Wednesday, September 30, 2026
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सिंघाली खदान में मिस फायर ब्लास्ट, चपेट में आकर 3 झुलसे

0 एक कर्मचारी अपोलो रेफर, हादसे के बाद खदान में मची रही अफरा-तफरी


कोरबा(खटपट न्यूज)।सिंघाली भूमिगत खदान में मिस फायर ब्लास्ट की चपेट में आकर 3 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद खदान में अफरा-तफरी मची रही। घायल मजदूरों को आनन-फानन में विभागीय अस्पताल लाया गया। जहां एक मजदूर की गंभीर हालत को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार उपरांत बिलासपुर अपोलो रेफर किया गया है।
एसईसीएल भूमिगत खदान में कर्मचारी कोयला निकालने ब्लास्टिंग कर रहे थे। काम के दौरान कर्मचारी रीड्रिलिंग का काम कर रहे थे। एकाएक हुए मिस फायर के बाद खदान में अफरा-तफरी मच गई। माइनिंग में जुटे कर्मियों ने तीनों घायलों को खदान से बाहर निकाला। सभी को विभागीय वाहन से अस्पताल रवाना किया गया। दो घायल वरूण कुमार व कांशीराम को ढेलवाडीह के विभागीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि एक अन्य मजदूर सरजू को बिलासपुर अपोलो रेफर किया गया है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
0 इसे कहते हैं मिस फायर
भूमिगत और खुली खदानों में निरंतर विस्फोट कर चट्टानों को तोड़ा जाता है। इसके लिए लगभग 7 से 8 फीट की गहराई का छेद चट्टानों में किया जाता है जिनमें 6 से 7 फीट तक बारूद व विस्फोटक को भरा जाता है। अमूमन ब्लास्ट में सभी बारूद फट जाते हैं पर कभी-कभी कुछ बारूद उन गड्ढों में रह जाते हैं। ऐसी परिस्थिति में दूसरी बार होने वाली ड्रीलिंग के दौरान अचानक विस्फोट हो जाता है जिसे मिस फायर ब्लास्ट कहा जाता है।
0 हादसे की होगी जांच

खदानों में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। घटनाओं का जायजा एसईसीएल के सेफ्टी बोर्ड मेंबर ले रहे हैं, जिनके द्वारा पूरी रिपोर्ट खान सुरक्षा महानिदेशालय डीजीएमएस को दी जाती है। माना जा रहा है कि सिंघाली परियोजना में हुए इस ब्लास्ट की जानकारी भी डीजीएमएस द्वारा जुटाते हुए जांच की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने व लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही होगी।

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