Tuesday, March 24, 2026
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अनेक भू-विस्थापितों को जानकारी नहीं, ग्राम सुवाभोड़ी की दावा-आपत्ति तिथि 01 माह बढ़ाएं…

कोरबा-हरदीबाजार(खटपट न्यूज़)। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत हरदीबाजार तहसील के ग्राम पंचायत सुवाभोड़ी की भूमि को दो भागों में सन् 2004 व 2010 में एसईसीएल दीपका क्षेत्र के द्वारा कोयला उत्खनन कार्य के लिए अधिग्रहित किया जा चुका है। अधिग्रहण के पश्चात ग्राम सुवाभोड़ी के मकानों को एसईसीएल व राज्य शासन के अधिकारी एवं पटवारियों द्वारा नापी सर्वे किया गया था लेकिन आश्रित परिवारों को मकानों की मुआवजा राशि भुगतान करने के लिए मकानों की नापी सर्वे किए गए को तीन भागों में बांटकर परसेंटेज हिसाब से बनाकर भुगतान को रोक दिया गया।

समाज सेवी मनीराम भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि एसईसीएल दीपका प्रबंधन व राज्य शासन के नायाब तहसीलदार ने ग्राम सुवाभोड़ी के आश्रित परिवारों से चर्चा के दौरान आश्वस्त किया था कि आप लोगों की मकानों की नापी सर्वे करके मुआवजा पत्रक तैयार करने के उपरांत मुआवजा का भुगतान किया जाएगा। ऐसा विश्वास और भरोसे में लेकर आश्रित परिवारों के मकानों का नाप-जोख किया गया था लेकिन कानूनी दांव पेच में उलझा कर आश्रित परिवारों के मकानों की मुआवजा राशि भुगतान को रोक दिया गया।
इस विषय को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है और दीपका प्रबंधन के द्वारा उत्खनन कार्य के लिए लगातार हैवी ब्लास्टिंग किया जा रहा है। कुछ वर्षों पहले एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा वहां के रहवासियों को जगह खाली करने के लिए बाध्य किया गया कि ब्लास्टिंग के कारण कोई जनहानि नुकसान हो ना जाए। वहां के कुछ आश्रित परिवार मकानों को खाली कर अन्यत्र स्थानों में किराए पर मकान या झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। हाल ही में सुवाभोड़ी का एक मकान ब्लास्टिंग के कारण भरभरा कर गिर गया जिसमें मां-बेटी बाल-बाल बचे। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने हरदीबाजार चौकी प्रभारी के पास दर्ज करवाई है ।
मनीराम भारती व भूविस्थापित नेता ललित महिलांगे ने जारी बयान में जानकारी दिया है कि छत्तीसगढ़ पुनर्वास नीति 2007 के कंडिका 3 व 4 में स्पष्ट लिखा हुआ है कि अर्जन के समय बने हुए मकान का क्षतिपूर्ति राशि प्रभावित को प्राप्त करने का अधिकार है और उसे सारी सुविधाएं भी देने का प्रावधान है। पाली के नायब तहसीलदार द्वारा 2 जुलाई 2021 को समाचार पत्र में प्रकाशन कर इश्तिहार जारी कराया गया जिसमें उल्लेख है कि 250 आश्रित परिवारों के मकानों का दावा आपत्ति संबंधित दस्तावेज पेश करने के लिए 16 जुलाई 2021 को अंतिम तिथि तक मांगा गया है। इस पर समाजसेवी मनीराम भारती ने मांग की है कि दावा/आपत्ति संबंधित दस्तावेज की तिथि को 1 माह के लिए बढ़ाया जाए क्योंकि आश्रित परिवारों को किसी प्रकार का नोटिस नहीं दिया गया है। सिर्फ समाचार पत्र में इश्तिहार जारी कर जानकारी दिए हैं जो कि हर व्यक्ति/परिवार न्यूज़ पेपर नहीं पढ़ पाते। इसके लिए आश्रित परिवारों को नोटिस जारी कर अवगत कराने से आश्रित परिवार यह सुनिश्चित कर संबंधित दावा-आपत्ति दस्तावेज संबंधित विभाग में जमा कर सकेंगे ।

00 सत्या पाल 00 (7999281136)

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