
कोरबा (खटपट न्यूज)। प्रदेश भर में आज से लगभग 8 हजार बसों के पहिए थम गए हैं, जिसकी वजह से यात्रियों को काफी ज्यादा परेशानी हो रही है। यात्री भी बस संचालकों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, यात्रियों का कहना है कि जब डीजल के दाम बढ़ रहे हैं तो यात्री किराया भी बढ़ना स्वाभाविक है। यात्री बढ़ा हुआ किराया देने के लिए भी तैयार हैं। वहीं छत्तीसगढ़ यातायात संघ के अध्यक्ष अनवर अली का कहना है कि जब तक सरकार के द्वारा किराए में वृद्धि नहीं की जाती तब तक हम अनिश्चितकालीन के लिए बसों को बंद कर रहे हैं।
14 जुलाई को जल समाधि का निर्णय
बस संचालकों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि किराया वृद्धि समेत उनकी अन्य मांगों को नहीं मानी गई तो 14 जुलाई को वे जल समाधि ले लेंगे। इधर, बालोद में डीजल के बढ़े दाम के चलते बसों के पहिए थम गए। जिले से कांकेर, धमतरी, रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग सहित कई स्थानों तक बस जाती है। प्रतिदिन हज़ारों यात्री सफर करते हैं। सुबह से मंजिल तक जाने के इंतज़ार में यात्री बैठै है। बस बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है. संचालक यात्री बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
कोरबा में भी दिखा असर
बस मालिक एवं यातायात महासंघ कोरबा के अध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना काल से पहले जिले में डेढ़ सौ बसों का संचालन किया जा रहा था लेकिन कोरोना ने अनेक बस मालिकों का रोजगार हमेशा के लिए छीन लिया । बस परिचालन शुरू होने के बाद जिले में केवल 80 बसों का संचालन किया जा रहा था। लेकिन उन्हें भी यात्री नहीं मिलने से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था । ऊपर से पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों ने वाहन मालिकों की कमर तोड़ कर रख दी है । प्रदेश यातायात महासंघ के आह्वान पर जिले में भी अनिश्चितकालीन बन्द को समर्थन दिया गया है। राज्य सरकार जब तक उनकी मांगें नहीं मानेगी तब तक ये प्रदर्शन जारी रहेगा । बता दें कि प्रदेशभर में लगभग 12 हजार बसे हैं जिनमें से लगभग 8 हजार बसों का संचालन हो रहा था, जिसे आज से बंद कर दिया गया है। बसों का संचालन नहीं होने से ऑटो संचालक यात्रियों से मनमाने ढंग से किराया वसूल कर उनके गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं।















