Friday, March 27, 2026
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व्याख्याताओं को वेतन जारी करने की बजाय गुमराह करने प्राचार्या पर लगा आरोप, कलेक्टर व डीईओ से फिर शिकायत

कोरबा (खटपट न्यूज)। कटघोरा विकासखंड के अंतर्गत संचालित शासकीय हाई स्कूल दर्री की प्राचार्या श्रीमती मीना साहू के द्वारा विद्यालय की तीन महिला व्याख्याताओं का बिना किसी कारण और आधार के ही माह मई 2021 का वेतन रोक दिया गया है। वेतन जारी करने की गुहार व्याख्याताओं ने कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से लगाई है। मामले का पटाक्षेप करने की बजाय इसे तूल दिया जा रहा है जिसके कारण पुन: एक अन्य शिकायत की गई है।
शासकीय हाईस्कूल दर्री की प्राचार्या मीना साहू के विरूद्ध 1 जून को की गई शिकायत में व्याख्याता श्रीमती हेमलता करियारे, श्रीमती कविता कौशिक, श्रीमती मधुबाला साहू ने बिना कारण बताए और कोई नोटिस जारी किए बगैर ही वेतन रोक दिया गया है। इसकी शिकायत के बाद देर रात प्राचार्या ने लगभग 9.40 बजे एक सामान्य लेटर जारी कर श्रीमती हेमलता करियारे के अतिशेष होने की जानकारी का उल्लेख कर प्राचार्य जमनीपाली को उपस्थिति पत्र भेजने का जिक्र स्टाफ ग्रुप में किया है। व्याख्याताओं के मुताबिक तहसीलदार व कटघोरा एसडीएम के द्वारा उन्हें जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का स्पष्ट जवाब प्रस्तुत किया गया जिसके उपरांत कोई भी निर्देश लिखित में न तो प्राचार्य और न ही व्याख्याताओं को जारी किया गया। दूसरी ओर प्राचार्या मीना साहू के द्वारा एसडीएम के निर्देश पर वेतन रोकना प्रसारित किया है।
व्याख्याता के मुताबिक वह अपने घर में वेतन पाने वाली अकेली कर्मचारी है और वेतन न मिलने से आर्थिक समस्या का सामना कर यदि परिवार के साथ कुछ अनुचित हुआ तो इसकी जिम्मेदारी प्राचार्य की होगी, इस आग्रह को प्राचार्य ने धमकी भरा पत्र बताकर प्रसारित किया है। शिकायतकर्ता व्याख्याताओं ने बताया कि कटघोरा एसडीएम द्वारा 21 मई को जारी कारण बताओ नोटिस में 7 शिक्षकों का नाम है जिसमें से मात्र 2 व्याख्याता कविता कौशिक व मधुबाला साहू का वेतन अनाधिकृत रूप से प्राचार्य ने रोककर शेष का वेतन जारी कर दिया है। वेतन रोकने से पहले किसी भी तरह की नोटिस, सूचना नहीं दी गई जबकि कोविड काल में वेतन न रोकने संबंधी निर्देश है और सभी व्याख्याता ऑनलाइन शिक्षण सहित अन्य गतिविधियों में पूरी तरह उपस्थित रहे हों, तब वेतन रोकना सवर्धा अनुचित है। शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि एसडीएम अथवा किसी सक्षम अधिकारी द्वारा इनका वेतन रोकने संबंधी आदेश जारी किया गया हो तो इसका प्रमाण प्राचार्या मीना साहू प्रस्तुत करें।
इस पूरे मामले व घटनाक्रम की निंदा छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ की ओर से कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष ओमप्रकाश बघेल ने करते हुए व्याख्याताओं का रूका वेतन जारी करने तथा प्राचार्या मीना साहू पर लगे पूर्व के सभी आरोपों की जांच और कार्यवाही की मांग की है।

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