Thursday, March 26, 2026
Home कोरबा किसी को रुपए न दें,भ्रम में न रहें अनुकम्पा नियुक्ति के आवेदक

किसी को रुपए न दें,भ्रम में न रहें अनुकम्पा नियुक्ति के आवेदक


0 दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों से डीईओ की अपील
कोरबा(खटपट न्यूज़)। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला शिक्षा विभाग के शिक्षकों की भी ड्यूटी एक्टिव सर्विलांस, घर-घर सर्वे, टीकाकरण केन्द्रों तथा कंट्रोल रूम में लगाई गई है। कार्य के दौरान कई शिक्षक कोरोना संक्रमण की चपेट में आए और मृत्यु को प्राप्त हुए। ऐसे दिवंगत शिक्षकों के अलावा अन्य मामलों में भी आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति शीघ्र प्रदान करने की लगातार मांग शिक्षक संघों के द्वारा उठाई जा रही है। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर आरोप भी लगने शुरू हो गए हैं कि अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों को शीघ्र आगे बढ़ाने तथा राहतपूर्ण पोस्टिंग करने के लिए रुपए की मांग की जा रही है।


इन आरोपों और शिकायतों पर जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पाण्डेय का कहना है कि कोरोना काल में दिवंगत शिक्षकों के एक-एक आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति शीघ्र प्रदान करने की पूरी कोशिश हो रही है। शिविर लगाकर इनके आवेदन लेने के साथ ही प्रदत्त दस्तावेजों का 24 घंटे के भीतर परीक्षण कराकर कमेटी के समक्ष पेश करते हुए अनुकम्पा नियुक्ति का आदेश प्रदान करने के लिए कार्य किया जा रहा है। श्री पाण्डेय ने कहा है कि शिक्षा विभाग इस मामले में काफी गंभीरता से कार्य कर रहा है और दिवंगत शिक्षकों के आश्रित अनुकम्पा नियुक्ति के आवेदक किसी भी तरह के भ्रम में न रहें। वे किसी भी मध्यस्थ का सहारा न लें और न ही किसी को रुपए दें। यदि किसी भी तरह की दिक्कत हो रही है अथवा रुपए लिए बगैर अनुकम्पा नियुक्ति का प्रकरण शीघ्र निराकृत नहीं होगा, कहकर रुपए वसूली की कोशिश करें तो इसकी भी शिकायत तत्काल करें।
बता दें कि छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष ओमप्रकाश बघेल ने शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अनुकम्पा संबंधी शाखा एवं मध्यस्थ पर रुपए मांगने का आरोप लगाया। अखिल भारतीय सतनामी युवा कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनीराम जांगड़े के द्वारा एपीसी विजय कुमार कौशिक अनुकम्पा नियुक्ति शाखा प्रभारी के द्वारा प्रीतेश कुमार जनार्दन से 3 वर्ष पहले सहायक ग्रेड-3 पद पर अनुकम्पा नियुक्ति के लिए 1 लाख रुपए लेने और आज तक नियुक्ति नहीं देने का आरोप लगाकर शिकायत की गई है।
0 प्रभारी मंत्री व कलेक्टर का आदेश
प्रभारी मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम व कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल द्वारा पूर्व में जारी आदेश अटैचमेंट शिक्षकों पर भारी पड़ रहा है जिसमें उन्हें मूल शाला में वापसी न होने पर मार्च व अप्रैल माह का वेतन रोक दिया गया है। कोरोना काल में वेतन रोकने से काफी आर्थिक दिक्कतों का सामना इन्हेंं करना पड़ रहा है। डीईओ से समस्या का समाधान तो चाहते हैं किंतु सीधे तौर पर जारी आदेश के कारण वे भी कोई शिथिलता नहीं बरत पा रहे है। स्कूलों व छात्रावासों में अटैचमेंट शिक्षकों/अधीक्षकों के ही वेतन रोके गए हैं जबकि दूसरे विभागों में अटैच शिक्षकों का वेतन बराबर निकलने की जानकारी संघ की ओर से दी गई है।

Advertisement Carousel