गड़बड़ी : ठेका अल्ट्राटेक सीमेंट का, आपूर्ति कर रहा हाई-टेक…! वन विभाग के निर्माण कार्यों के टिकाऊपन पर संशय


0 बिलासपुर का ठेकेदार कर रहा सप्लाई, वन अधिकारी बने हैं अनजान
कोरबा(खटपट न्यूज)। वन विभाग के निर्माण संबंधी कामकाज की गुणवत्ता और लंबे समय तक टिकाऊपन को लेकर फिर सवाल उठे हैं। विभाग द्वारा जगलों के भीतर कराए जा रहे निर्माण कार्यों में घटिया सामानों खासकर सीमेंट का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है किंतु इसकी मॉनिटरिंग व रोकथाम के लिए किसी भी तरह की कवायद विभाग की ओर से नहीं हो रही है। वन मंडल में सीमेंट की आपूर्ति हेतु स्वीकृत टेंडर से पृथक मिलते-जुलते नाम का सीमेंट हजारों की संख्या में ठेकेदार आपूर्ति कर रहा है।

एक स्टाप डेम निर्माण स्थल पर खाली सीमेंट की बोरियां

दरअसल कटघोरा वनमंडल के सभी रेंजों में नालों पर स्टाप डेम, रेंज ऑफिसर आवास आदि का निर्माण कार्य हो रहे हैं। एलीफेंट रिजर्व क्षेत्र में भी निर्माण जारी है। जटगा रेंज में 11 स्टाप डेम, केंदई रेंज में 6 स्टाप डेम का भी निर्माण हो रहा है। चैतमा रेंज के भैंसपर नाला में 4 स्टाप डेम बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इन सभी निर्माण कार्यों के लिए सीमेंट की आपूर्ति का ठेका बिलासपुर के ठेकेदार को मिला है जिसके द्वारा टेंडर में स्वीकृत कराए गए अल्ट्राटेक सीमेंट की बजाय मिलते-जुलते नाम के हाई-टेक सीमेंट की आपूर्ति पूरे कटघोरा वन अनुविभाग में की गई है। कोई 100-50 नहीं बल्कि15 से 20 हजार बोरी सीमेंट की उसने आपूर्ति हाल ही में की है लेकिन यह विभागीय अधिकारियों की नजर में न हो ऐसा तो नामुमकिन ही होगा।

कटघोरा के जंगल में एक निर्माण स्थल पर हाई-टेक सीमेंट मौजूद

ठेका व निर्माण कार्यो के जानकार बताते हैं कि निर्माण कार्यों की मजबूती के लिए 53 ग्रेड सीमेंट लाफार्ज, अल्ट्राटेक, एसीसी, सेन्चुरी गोल्ड, डालमिया और डबल बुल का ही उपयोग होता है। बिलासपुर के इस ठेकेदार को अल्ट्राटेक सीमेंट आपूर्ति का ठेका मिला है किंतु वह 32 ग्रेड हाई-टेक सीमेंट की आपूर्ति कर रहा है जो गुणवत्ता में काफी कमजोर है। बताया गया कि अल्ट्राटेक का बाजार भाव थोक में 280-290 तो चिल्हर में 300-310 रुपए में जबकि हाईटेक की खरीदी अगर थोक में की जाए तो 130-140 रुपए प्रति बोरा व चिल्हर में 160-170 रुपए का भाव है। इतना ही नहीं इस सीमेंट में राख की मात्रा काफी अधिक करीब 90 फीसदी तक होती है और निर्माण कार्य में उपयोग करने से निर्माण की गुणवत्ता व टिकाऊपन की कोई भी गारंटी नहीं रहती। सूत्र बताते हैं कि उक्त ठेकेदार कटघोरा वन मंडल में सीमेंट आपूर्ति के अलावा कुछ रेंज में निर्माण कार्य का ठेका भी प्राप्त किए हुए हैं। गंभीर बात यह है कि विभागीय निर्माण कार्यों की निगरानी करने वाले अधिकारी अथवा कर्मचारियों के द्वारा भी इसकी अनदेखी की जा रही है। जिस कंपनी के सीमेंट की आपूर्ति का ठेका प्राप्त किया गया है, उसे ही दिया जाना चाहिए।
0 ब्लैक लिस्टेड कर वसूली की जाए
कटघोरा के सामाजिक कार्यकर्ता व पर्यावरण प्रेमी नवीन गोयल ने कहा है कि उनके भी संज्ञान में इस तरह की बातें आई हैं जो आपत्तिजनक है। घटिया सीमेंट की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार का टेंडर निरस्त कर उसे ब्लैक लिस्टेड करने के साथ ही शासन से ली गई राशि की वसूली होनी चाहिए। घटिया सीमेंट की आपूर्ति से निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ शासन की राशि का भी दुरूपयोग होगा। श्री गोयल ने यह भी कहा कि सत्र 2020-21 के दौरान जितने भी सामग्रियों की आपूर्ति का टेंडर हुआ है, वन अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामानों की आपूर्ति हुई है जिसकी भी जांच होनी चाहिए।

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