
कोरबा(खटपट न्यूज़)। कोरबा शहर में उस वक्त हलचल मच गई जब युवा नेता और समाजसेवी अमित नवरंगलाल के गिरफ्तारी की खबर आम होने लगी। पहले तो किसी को इस पर यकीं नहीं हुआ लेकिन जब अमित ने सोशल मीडिया पर हाल बयां किया तो यह खबर पुष्ट हुई। अमित की गिरफ्तारी की खबर से उनके शुभचिंतकों में चिंता की लहर दौड़ पड़ी और कारण जानने भी उत्सुक रहे। वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक तिवारी तक जब खबर पहुंची तो उन्होंने भी हौंसला बढ़ाया व अमित के लिए निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तक निःशुल्क सेवा देने का बल प्रदान किया। अमित के साथ युवा भाजपा नेता बद्री अग्रवाल की भी गिरफ्तारी हुई। हालांकि ज़मानती धाराओं में जुर्म दर्ज होने के कारण मुचलका पर दोनों को छोड़ दिया गया। बता दें कि अमित के द्वारा कोरोना के इस संकट दौर में अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ितों की मदद के लिए कार्य किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसी सिलसिले में वह बालाजी ट्रामा कोविड अस्पताल गए हुए थे जहां घटनाक्रम के बाद गार्ड द्वारा पुलिस चौकी में एफआईआर दर्ज कराई गई। घटना और कार्यवाही तथा गिरफ्तारी को लेकर शहर सहित जिले भर में चर्चा गर्म है।
















