
कोरबा(खटपट न्यूज़)। कोविड प्रोटोकाल के पालन और केशलेस-कांटेक्ट लैस डिलीवरी की शर्त के साथ होम डिलीवरी वाली दुकानों के संचालकों और डिलीवरी ब्वाय को कोरोना जांच के बाद होम डिलीवरी की अनुमति जिला प्रशासन ने 27 अप्रैल को जारी की है। इसकी आड़ में कुछ थोक सह चिल्हर विक्रेता दोपहर 12 बजे तक शटर उठाकर आम ग्राहकों को सामान बेच रहे हैं जबकि दुकान तक तो ग्राहक को आना ही नहीं है और न दुकान खोलना है।मुख्य मार्ग की दुकानों का यह हाल है जिससे निगरानी दल की कार्यप्रणाली पर सवाल तो उठना ही है। मनोहर लाल किशोर कुमार, इससे ठीक आगे की एक और दुकान में 12 बजे यह दिखा जब लोग सीधे सामान ले जा रहे थे। एक बच्चा भी सामान लेने आया था। किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई। निहारिका में एक दुकानदार के सामान बेचने पर कार्यवाही हुई तो साकेत पहुंच गए विरोध जताने।

बता दें कि लोगों को खाने-पीने के साथ-साथ दैनिक जरूरत की चीजें समय पर उपलब्ध कराने के लिए थोक व्यापारियों के गोदामों और दुकानांे में समान लोडिंग-अनलोडिंग का समय रात्रि 11 बजे से सुबह 6 बजे तक है। पहले यह समय शाम सात बजे से रात्रि 9 बजे तक निर्धारित था। थोक व्यापारी पहले की तरह ही होम डिलीवरी व्यवस्था में लगे दुकान संचालकों से आनलाइन या फोन पर आर्डर लेकर सुबह छह बजे से नौ बजे तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करेंगे।

जोमेंटो, स्वीगी जैसी खाद्य पदार्थों की आॅनलाइन डिलीवरी सर्विस को कोविड प्रोटोकाल के पालन और केशलेस तथा कांटेक्ट लैस डिलीवरी की शर्त पर खाद्य पदार्थों को घर-घर पहुंचाने की अनुमति होगी। लेकिन डिलीवरी ब्वाय को मास्क, दस्तानों और सेनेटाइजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही डिलीवरी ब्वाय को सामान की केशलेस तथा कांटेक्ट लैस डिलीवरी करनी होगी।














