रायपुर(खटपट न्यूज)। कोरोना जांच के नाम पर फर्जी रिपोर्ट देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। रिम्स अस्पताल की जांच रिपोर्ट को एडिट कर फर्जी रिपोर्ट तैयार करता था। आरोपी युवक मरीज से 1000-2000 रूपये लेकर उसके घर से सैम्पल लेकर फर्जी रिपोर्ट देता था।

मामला रायपुर जिले के थाना मंदिर हसौद का है जिसके संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक थाना मंदिर हसौद क्षेत्र के रिम्स अस्पताल गोढ़ी में वर्तमान में आर.टी.पी.सी.आर. जांच किया जाता है तथा कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज भी किया जा रहा है। यहां पर उर्मिला अस्पताल रायपुर के आनंदी डायग्नोस्टिक लैब में कार्यरत लैब टेक्निशियन रेशम मंगेशकर अपने लैब के लिए कोरोना जांच हेतु सैम्पल लेता था जिसका परीक्षण हेतु रिम्स अस्पताल गोढ़ी लाकर छोड़ता था। रिम्स अस्पताल द्वारा परीक्षण बाद रिपोर्ट बनाकर सीधे आरोपी के मोबाईल पर पीडीएफ बनाकर डाल देते थे। आरोपी को कई लोग जल्दी रिपोर्ट लाने के लिए कहने पर आरोपी मरीजों से 1000-2000 रूपये लेकर किसी अन्य मरीज के आरटीपीसीआर रिपोर्ट को पीडीएफ में एडिट कर किसी अन्य मरीज का नाम पता लिखकर उसी में रिपोर्ट बनाकर मरीजों को वाट्सअप के माध्यम से भेजा करता था।
मरीजों के परिजनों द्वारा इसकी भनक लगने पर रिपोर्ट की सत्यता जानने आईसीएमआर पोर्टल में अपलोड कराने के लिए रिम्स अस्पताल आये तब पोर्टल में अपलोड नहीं होने से रिम्स अस्पताल के आरटी-पीसीआर लैब के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक कुमार द्वारा इसकी जांच किया गया। जांच में पता चला कि मरीजों के सैम्पल का परीक्षण रिम्स अस्पताल में हुआ ही नहीं था।
आरोपी द्वारा रिम्स अस्पताल के नाम से फर्जी एवं कूटरचित आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाकर लोगों को दिया करता था। प्रार्थी डॉ. विवेक कुमार रिम्स अस्पताल गोढ़ी आरटीपीसीआर लैब नोडल अधिकारी की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी रेशम मंगेशकर को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही किया जा रहा है। आरोपी रेशम मंगेशकर पिता स्व. लुकाउ राम मंगेशकर उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम खपरी खुर्द थाना / जिला मुगेली हाल पता दुबे कालोनी मोवा रायपुर का रहने वाला है।















