कोरबा-लेमरू(खटपट न्यूज़)। महिला संबंधी अपराध/शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेकर जांच/कार्यवाही का निर्देश है। एलएलबी की छात्रा और उसका पूरा परिवार तथा किरायेदार गांव के सरपंच, तत्कालीन सचिव व 4 अन्य साथियों की प्रताड़ना का शिकार हो रहा है। छात्रा के साथ छेड़छाड़ भी की गई है। शिकायत के 8 दिन बाद भी कोई जांच नहीं होने, पुलिस की पहुंच उसके घर तक नहीं होने और न ही शिकायतकर्ता या उसके परिजन का बयान आदि के लिए थाना बुलाया गया।
यह मामला लेमरू थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत डोकरमना के झलरीमहुआ का है जहां के एक परिवार की युवती ने 23 मार्च को एडिशनल एसपी के नाम की गई शिकायत में घटनाक्रम बताया है। उरांव जाति की इस युवती ने बताया कि उसके पिता ने पूर्व बस चालक अशोक कुमार कैवर्त जो कि वर्तमान में गांव के पास चेकडेम निर्माण में बतौर मुंशी नियोजित है, को किराए पर मकान दिया है। 4-5 वर्ष से वह यहां सपरिवार रह रहा है। इस बात को लेकर गांव का सरपंच आलोक मिंज, तत्कालीन सचिव अजय कुर्रे, सहयोगी हैदर खान, बलराम यादव, विश्वनाथ व बंधू यादव के द्वारा युवती, उसके पिता, मां को अपशब्द कहकर पूरे परिवार को मारने-पीटने की धमकी दी जाती है। युवती के चरित्र पर लांछन लगाने के साथ-साथ पूरे परिवार को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। अक्टूबर 2020 को युवती और उसके परिवार को बुलाकर सरपंच ने गाली-गलौच किया और गांव में धंधा करते हो, गांव को बदनाम करते हो, हमारी इज्जत नहीं करते हो, मैं गांव का सरपंच हूं और सरपंच होने के नाते तुम लोगों का भगवान हूं, मैं जैसा चाहूंगा गांव में वैसा होगा। यह कहकर युवती के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत का गंभीर आरोप सरपंच पर लगाया गया है। सरपंच और उसके सहयोगियों द्वारा प्रताड़ित कर बेइज्जत करने के साथ गांव से बाहर करने की धमकी दी जा रही है और हुक्का-पानी बंद करा दिया गया है। किराएदार के खिलाफ थाना में झूठी शिकायत कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। पीड़िता के मुताबिक 2019 में ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव में वह भी प्रत्याशी थी। कुल 6 लोगों ने चुनाव लड़ा जिसमें आलोक मिंज जीत गया। अपने खिलाफ चुनाव लड़ने की रंजिश वह निकाल रहा है। पीड़िता ने संबंधितों के खिलाफ अपराध दर्ज कर कानूनी कार्यवाही का आग्रह एएसपी सहित महिला थाना प्रभारी से भी किया है।
पीड़िता युवती की मानें तो 23 मार्च 2021 को उसने जिला मुख्यालय पहुंचकर एएसपी के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसे जांच और कार्यवाही का आश्वासन दिया गया। एएसपी कीर्तन राठौर ने भी बताया है कि मामले में शिकायत मिली है जिसे जांच के लिए लेमरू थाना भेजा गया है। दूसरी ओर 1 अप्रैल को देर शाम भी तक लेमरू थाना से कोई पुलिस अधिकारी अथवा कर्मी न तो बयान लेने पीड़िता के घर पहुंचा और न ही इस सिलसिले में किसी को थाना तलब किया गया। पीड़िता द्वारा थाना और गांव के बीच की दूरी लगभग 15 किलोमीटर बताई गई है। पीड़िता और उसके परिजन भयभीत हैं।















