0 कोरोना को लेकर छोटी सी लापरवाही भी पड़ सकती है भारी, टेस्ट कराएं-टीकाकरण कराएं-कोविड को हराएं : डॉ. बोडे
कोरबा (खटपट न्यूज)। लोगों की सामान्य भूल हैं कि ‘मुझे कोविड हो गया होगा और मैं ठीक हो गया हूं और मेरी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ गई हैÓ। यह समझ पूरी तरह से गलत है। इस बीमारी की शुरुआत हमेशा कम लक्षणों से ही होती है, अगर हम समय पर सचेत हो जाएं, डॉक्टर की निगरानी में अपना टेस्ट कराएं और ट्रीटमेंट लेंगे तो इस बीमारी से ठीक हो सकते हैं। पर यदि हम खुद बिना टेस्ट कराए बिना डॉक्टर की सलाह के होकर दवाईयां खाएंगे और टेस्ट नहीं कराएंगे तो यह बीमारी घातक रूप ले लेगी और इससे हम ही नहीं हमारे परिवार के अन्य सदस्य आस-पड़ोस के लोग भी संक्रमित हो सकते हैं। इसी तरह अगर लक्षण आने के बावजूद हम बिना टेस्ट कराए सब जगह घूमेंगे तो बाकी जगह भी हम सबको इंफेक्शन फैला सकते हैं।

कोरबा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. बी. बोडे ने 45 साल से अधिक सभी नागरिकों से कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण कराने की अपील की है। डॉ. बोडे ने बताया कि कोरोना महामारी को लेकर छोटी सी लापरवाही भी खुद पर और परिवार के अन्य लोगों पर बहुत भारी पड़ सकती है। कोरोना का नया म्यूटेंट वायरस पहले से अधिक घातक और तेजी से फैलने वाला है। इसकी रोकथाम के लिए सामान्य सर्दी, खांसी के लक्षण होने पर भी तत्काल कोरोना की जांच कराएं। 45 वर्ष से अधिक आयु के लोग टीकाकरण कराएं और कोरोना को हराएं। डॉ. बोडे ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में कॉविड के पॉजिटिव मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, नया वायरस इतना घातक है कि आईसीयू में आने वाले मरीजों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि हम सभी को गंभीरतापूर्वक समझना होगा कि हम कहीं ना कहीं कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने में लापरवाही बरत रहे हैं। यह महामारी एक स्तर पहुंचकर पर नियंत्रित हो गई थी परंतु हमारे असंयमित व्यवहार और कोविड प्रोटोकॉल का पालन पूरी तरह नहीं करने पर यह वापस से फिर बढ़ रही है।
डॉ. बोडे ने बताया कि जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है, हो सकता कि उनमें से 90 प्रतिशत लोगों में इस बीमारी के माइल्ड सिम्पटम्स आकर संक्रमण ठीक भी हो गया हो। परंतु ऐसे लोगों द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने की लापरवाही कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों और कैंसर, किडनी, डायबिटीज के मरीजों तथा बुजुर्ग के लिए भारी पड़ेगी और इस बीमारी से संक्रमित होने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।
0 वैक्सीन से विकसित होगी एंटीबॉडी
डॉ. बोडे ने जिला वासियों से अपील की है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अपने मुंह और नाक को अच्छी तरह ढंकने मास्क जरूर पहने। मास्क का कोई विकल्प नहीं है। वैक्सीन शरीर में एंटीबॉडी विकसित करती है और शरीर में वायरस से लड़ने की शक्ति पैदा करती है। डॉ. बोडे ने शरीर में वायरस का प्रवेश रोकने के लिए सभी लोगों से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, भीड़भाड़ में जाने से बचने और हाथों को बार-बार सैनिटाइज करते रहने जैसेे प्रोटोकॉल का लंबे समय तक पालन करने का आग्रह किया है ताकि इस कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके।















