कोरबा (खटपट न्यूज)। कोरबा जिले में एक ऐसा भी मंदिर हैं जहां महाशिवरात्रि की रात भोलेनाथ की सेज सजाई जाती है और रात में वे माता पार्वती के साथ चौसर भी खेलते हैं। यह सुनने और समझने में थोड़ा अजीब लगता है लेकिन जिन्होंने इसे महसूस किया, वे सच मानते हैं।

कोरबा निगम के वार्ड 4 देवांगनपारा में दुरपा मार्ग पर श्री श्री काली-शिव मंदिर स्थापित है। शिव परिवार द्वारा विगत 6 वर्षों से हर माह शिवरात्रि पर भोलेनाथ की बारात निकाली जाती है और प्रतिकात्मक तौर पर भोलेनाथ का विवाह माता पार्वती के साथ संपन्न कराया जाता है। काली मंदिर में यह समस्त आयोजन होते हैं जिनमें लोग बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाते हैं। मंदिर के भीतर मां काली एवं भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित है। यहीं पर एक किनारे शिवरात्रि की रात भोले बाबा की सेज सजाई जाती है। श्रृंगार के सभी सामग्रियों के साथ सजी इस सेज पर चौसर/लुडो भी रखा जाता है।

बताया गया कि भगवान शिव को चौसर खेलना काफी प्रिय रहा है। रात को पूजा-अर्चना कर सेज सजाने उपरांत मंदिर में परदा लगाकर ताला जड़ दिया जाता है। दूसरे दिन सुबह यहां पहुंचने पर सेज पर मौजूद सामान अपने स्थान से इधर-उधर नजर आते हैं, वहीं चौसर की जमी-जमाई गोटियां भी अपने स्थान से अलग इस तरह रहती हैं जैसे कि इसे खेला गया हो। मंदिर के पुजारी सहित शिव परिवार के सदस्यों ने बताया कि जब से बारात का आयोजन हो रहा है, विगत 6 वर्षों से यह अद्भुत संयोग यहां मंदिर में देखने को मिलता है। स्थानीय शिवभक्तों ने भी शिवरात्रि की रात और दूसरे दिन की सुबह मंदिर पहुंचकर इस चमत्कार को नमस्कार किया है।















