कोरबा(खटपट न्यूज़)। खास अवसरों पर बधाई और शुभकामनाओं के लिए फ्लैक्स संस्कृति जोरों पर है। खास लोगों को बधाई संदेश देना आम जन में प्रदर्शित करने के लिए जगह-जगह फ्लैक्स लगाने का काम ठेका पद्धति पर होता है परंतु काम चलाऊ व्यवस्था पहले दिन तो ठीक रहती है पर दूसरे दिन से फ्लैक्स आड़े-तिरछे, उल्टे होकर आम जन के लिए सड़क से गुजरते वक्त हड़बड़ाने/गड़बड़ाने का कारण भी बनते हैं। सड़क पर गिरकर पैरों और वाहनों से कुचलाते हुए भी फ्लैक्स दिख जाते हैं।

अभी 1 मार्च को क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक/ राजस्व मंत्री को बधाई देने शहर को फ्लैक्स से पाट दिया गया लेकिन दूसरे ही दिन से इन फ्लेक्सो की हालत खस्ता होने लगी। पावर हाउस रोड से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर तक कई फ्लैक्स अपनी बिगड़ी तस्वीर प्रत्यक्ष करते हैं। पीएच रोड में तो एक कट्टर समर्थक द्वारा लगवाया गया फ्लैक्स 3 दिन से उल्टा पड़ा है और उस पर कोई लगभग काला सा तरल पदार्थ गिर जाने से भद्दा दिख रहा है और देखने में अच्छा भी नहीं लगता पर मजाल है कि उस या मुख्य पीएच रोड से अनेक बार गुजरते अनकों समर्थक/कांग्रेस पदाधिकारी में से किसी ने भी इसे हटाना/हटवाना जरूरी समझा हो। फ्लैक्स लगवाने वालों को इसकी कोई परवाह नहीं रहती पर वे यह क्यों भूल जाते हैं कि जिसे आजिज मानकर उसकी बेहतरी के लिए यह सब करते हैं कहीं न कहीं इस तरह की अनदेखी से उनका अपमान ही होता है। इन हालातों से यह समझना मुश्किल हो जाता है कि बधाई संदेश सम्मान के लिए लगवाया गया था या अपमान के लिए?
















