कोरबा (खटपट न्यूज)। शासकीय योजना मनरेगा में धांधली के चर्चे आम हैं। धांधली की जानकारी होने पर इसे रोकना कई तरह के खामियाजे का कारण भी बनता है। एक रोजगार सहायिका के द्वारा आदिवासी ग्रामीण को झूठे शिकायत में फंसाने की धमकी दी जा रही हैं क्योंकि ग्रामीण ने उसे गलत कार्य करने पर टोका।

कोरबा जिले के विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत नगोईबछेरा में शासन के माध्यम से रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत महंत डबरी का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है। इस कार्य में अनेक मजदूर कार्यरत हैं। गांव के ही आदिवासी ग्रामीण ज्योतिभूषण पोर्ते जो कि ग्रामीणों के हित में कर्तव्यरत रहते हैं, वे भी महंत डबरी में मेट के रूप में कार्यरत थे। उनके द्वारा रोजगार सहायिका श्रीमती गिरजा के द्वारा मस्टर रोल में धांधली करने के प्रयास के तहत कुछ खाली जगह छोड़कर मजदूरों का कार्य विवरण व संख्या दिए जाने पर आपत्ति की गई। खाली जगह नहीं छोड़ने के लिए कहने पर रोजगार सहायिका द्वारा झूठी शिकायत कर शासकीय कार्य में बाधा डालने तथा गाली-गलौच करने के आरोप में फंसाने की धमकी दी गई। रोजगार सहायिका की इस धमकी और शिकायत पर दर्जनों ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर झूठी शिकायत खारिज करने एवं ज्योतिभूषण पोर्ते के विरूद्ध किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं करने का आग्रह किया है। जनपद पोड़ी उपरोड़ा के सदस्य, ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष असमेर सिंह पोर्ते, पंच नारायण सिंह कंवर, सुलोचना पोर्ते, सविता भंडारी के अलावा दर्जनों ग्रामीणों ने हस्ताक्षरित आग्रह पत्र जिला पंचायत सीईओ को भी सौंपा है।
















