कोरबा(खटपट न्यूज़)। छत्तीसगढ़ प्रदेश आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता सहायिका संघ जिला शाखा कोरबा संबंद्ध सहायिका संघ संभाग बस्तर के नेतृत्व में जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने घंटाघर चौक पर शुक्रवार को धरना प्रदर्शन किया।

अपनी मांगों को लेकर नारा बुलंद करते हुए कहा कि जब सरकार शिक्षाकर्मियों को सरकारी कर्मी घोषित कर सकती है तो कार्यकर्ताओं को क्यों नहीं? सरकार द्वारा अनेक मांगों को आज तक लंबित रखा गया है जिसके कारण यह वर्ग उपेक्षित महसूस करता है। धरना उपरांत 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर भरोसा राम ठाकुर को जिलाध्यक्ष श्रीमती नंदकुमारी नेटी, सुचित्रा मानिकपुरी, निर्मला गुप्ता के द्वारा सौंपा गया।

संघ के द्वारा मांग की गई है कि प्रदेश के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए तथा तब तक इन्हें कुशल श्रमिक मानते हुए कलेक्टर दर दिया जाए, मध्यप्रदेश की भांति मानदेय तथा अन्य सुविधाएं देने की मांग की गई है। प्रदेश के भीतर आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती पर प्रतिबंध लगाया जाए तथा रिक्त पदों की पूर्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की वरिष्ठता एवं योग्यता के आधार पर और सहायिकाओं की भर्ती कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर किया जाए, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूर्ण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में तब्दील किया जाए, कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को रिटायरमेंट के पश्चात पीएफ की राशि एवं पेंशन दिया जाए। धरना प्रदर्शन में जिले भर से कार्यकर्ता व सहायिकाएं उपस्थित रहीं। सुचित्रा मानिकपुरी ने बताया कि 4 मार्च तक मांगें पूर्ण न होने पर 5 मार्च को रायपुर में प्रदर्शन प्रदेश भर की कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाएगा।


















