आखिर सुरक्षित कहां अस्मत…? जिस मौसा के घर पनाह ली, वही धमकी देकर खेलता रहा इज्जत से… दुष्कर्मी रिश्तेदार जेल भेजा गया

0 घर से भागकर प्रेमी के साथ हैदराबाद चली गई थी किशोरी, पुलिस ने बरामद कर प्रेमी को जेल भेजा

0 किशोरी की आपबीती ने सबको चौंकाया

कोरबा(खटपट न्यूज़)। आखिर अस्मत कहां सुरक्षित है…? यह प्रश्न उठना लाजिमी है जब इज्जत अपने ही घर में तार-तार हो। अपने मौसा के घर में रहकर पढ़ाई कर रही छात्रा पर रिश्तेदार की ही बुरी नजर थी। वह घर से भागी तो जरूर लेकिन नाबालिक होने के कारण उसके प्रेमी को जेल और पीड़िता को बालिका गृह भेज दिया गया। पीड़िता के बयान ने पुलिस को तब चौंका दिया जब उसने मौसा के घिनौने कृत्यों की जानकारी दी। मौसा को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सीएसईबी पुलिस सहायता केन्द्र अंतर्गत निवासी 17 वर्षीय किशोरी को उसका प्रेमी तरूण राज चौहान पिता सीताराम निवासी कुआँभट्ठा मुड़ापार 27 फरवरी को अपने साथ भगाकर ले गया था। किशोरी के घर से निकल जाने की सूचना परिजन के द्वारा पुलिस को दी गई जिस पर धारा 363 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर साइबर सेल की मदद से लोकेशन हैदराबाद मिलने पर दोनों से संपर्क किया गया व उपस्थित होने के लिए कहा गया। कोरबा पहुंचकर पर किशोरी का बयान दर्ज करने उपरांत उसके कथन आधार पर आरोपी के विरूद्ध पूर्व दर्ज धारा में 354, 376 (2) (च), 376 (2) (एन), 506 भादवि तथा पाक्सो एक्ट की धारा 6 व 8 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश करने उपरांत जेल दाखिल कराने की कार्यवाही की गई।
पुलिस सहायता केन्द्र प्रभारी एसआई कृष्णा साहू ने बताया कि नाबालिग पीड़िता ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह 3 वर्षों से अपने रिश्तेदार मौसा राजेन्द्र सिंह मरकाम के घर पर रह रही थी। मौसा ने भी उसके साथ छेड़छाड़ कर कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता था। उपरोक्त तथ्यों से पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा को अवगत कराया गया व निर्देश पर कार्यवाही करते हुए आरोपी राजेन्द्र सिंह मरकाम उर्फ राजू पिता चंद्र सिंह मरकाम 41 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके विरूद्ध पृथक से थाना 376 (2)(च)(ढ), 354, 506 भादवि एवं पाक्सो एक्ट की धारा 6, 8 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इस पूरी कार्यवाही में कोतवाली टीआई दुर्गेश शर्मा, महिला उप निरीक्षक भावना खंडारे का नेतृत्व एवं एएसआई फागूलाल साहू एवं आरक्षक देवनारायण कुर्रे व महिला आरक्षक राजेश्वरी लकड़ा का सक्रिय सहयोग रहा।

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