
कोरबा-करतला(खटपट न्यूज़)। शुक्रवार शाम एकाएक चले तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त करने के साथ ही बिजली व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करके रख दिया है। मौसम तो साफ हो गया है लेकिन बिजली पूरी तरह से नहीं आ पाई है। उप नगरीय और ग्रामीण अंचलों में अभी भी सुधार कार्य जारी है किंतु कई ऐसे ग्रामीण अंचल भी हैं जहां सुधार कार्य में खास रुचि नहीं दिखाई जा रही है। करतला ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरपाली, सलिहाभाठा व इसके आसपास के करीब 7 गांवों में 24 घंटे से अंधेरा छाया हुआ है। यहां पर बिजली तुमान फीडर से सप्लाई होती है। सलिहाभाठा मार्ग में आपूर्ति बाधित बताया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक मात्र इस एक तार को जोड़ देने से बिजली बहाल हो जाएगी। जेई हुनेंद्र सिंह को इस बारे में अवगत भी कराया जा चुका है लेकिन वे पिछले 24 घंटे से अब-तब टीम भेजकर सुधार कार्य कराने का आश्वासन भर देते आ रहे हैं। 24 घंटे से बिजली नहीं होने के कारण विद्युत आधारित सभी उपकरण बंद हैं।

ग्रामीणों ने बताया की जेई साहब फोन करने पर एक तो फोन नहीं उठाते और यदि कभी फोन उठा लिया तो जेई साहब से आश्वासन के अलावा और कुछ नहीं मिलता। यहां समस्या का आलम यह है कि लोगों के घरों में पानी भी नहीं है। जिससे पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने समस्या का समाधान समस्या से अवगत होने के बाद भी नहीं करने पर जेई हुडेंद्र कंवर के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। जेई ने बरसात शुरू होने से पहले ना मरम्मत में रुचि दिखाई और ना ही अब विद्युत वितरण को निर्बाध करने में रुचि दिखा रहे है और जेई की इस प्रकार की कार्य शैली के कारण ग्रामीणों को अनायास ही समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण बरसात के दिनों में सांप बिच्छू का खतरा बड़ ही जाता है तथा इसी समय बिजली की आवश्यकता सर्वाधिक होती है और ऐसे समय पर ग्रामीणों को बिजली की समस्या का सर्वाधिक सामना करना पड़ रहा है ।
क्षेत्र की जनता जेई की कार्यप्रणाली से बहुत दुखी है अगर भविष्य में भी जेई की कार्यशैली में परिवर्तन नहीं होता है तो क्षेत्र के लोग आंदोलन के लिए विवश होंगे। अब देखना यह है की क्षेत्र की जनता के सबर का बांध पहले टूटता है या जेई श्री कंवर की कार्यप्रणाली सुधरती है।















