कोरबा-बालकोनगर, (खटपट न्यूज़)। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने वर्ष 1962 में भारत-चीन के बीच हुए युद्ध में शहीद जवानों के लिए श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। जवानों के साथ ही रेजांगला की लड़ाई को याद किया गया। रेजांगला की लड़ाई में कुमाऊं रेजीमेंट 13वीं बटालियन के 120 जवानों ने 2000 से अधिक चीनी सैनिकों से लोहा लिया और उन्हें बड़ा नुकसान पहुंचाया। चूंकि कुमाऊं रेजीमेंट के इन जवानों का संबंध यादव समुदाय से था इसलिए प्रति वर्ष अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा प्रति वर्ष 18 नवंबर को पूरे देश में अहीर शौर्य दिवस के रूप में आयोजित करता है।

बालकोनगर क्षेत्र में अहीर शौर्य दिवस का आयोजन अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा उपाध्यक्ष मूरतलाल यादव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। सिविक सेंटर में आयोजित समारोह में पाषर्द लुकेश्वर चौहान व कृपाराम साहू तथा युवा जागृति संगठन के अध्यक्ष विकास डालमिया आदि ने मोमबत्तियां जलाईं।
मूरतलाल ने बताया कि अहीर शौर्य दिवस के राष्ट्रव्यापी आयोजन का उद्देश्य देश के जवानों के प्रति सम्मान प्रकट करना और नई पीढ़ी को उनके शौर्य तथा पराक्रम से परिचित कराना है। जवानों के त्याग और बलिदान का ही परिणाम है कि आज हम अखंड राष्ट्र में सांसें ले रहे हैं। महासभा सरकार से रेजांगला युद्ध के स्मारक के तौर पर देश को अहीर रेजीमेंट की सौगात चाहती है। सरकार अवश्य ही सहानुभूतिपूर्वक विचार कर बहुप्रतिक्षित मांग को पूरा करेगी। अतिथियों ने कहा कि अहीर रेजीमेंट का गठन रेजांगला युद्ध के रणबांकुरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर क्षेत्रीय झेरिया यादव समाज के अध्यक्ष माखन यादव, कोरबा जिला सर्वयादव समाज के संरक्षक केदार यादव, कोरबा जिला युवा अध्यक्ष चंद्रमणि यादव, सतानंद यादव, शेष यादव, अशोक यादव, ममता यादव, विनीता यादव, पी.एल अहीर, कमलेश यादव, गंगाराम यादव, वीर सिंह चौधरी, डी.एस परस्ते, अजय यादव, चंद्रकेश यादव, दीपक सिंह, रवि चौधरी, अरुण राठौर, पवन साहू, प्रवीण पांडे, हेमलाल बंजारे आदि उपस्थित थे।















