Monday, March 23, 2026
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15 दिन में सुपरवाइजर बनाने का झांसा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से ठग लिए 3.50 लाख, 2 लोगों पर अपराध दर्ज

0 मुख्य आरोपी अशोक पाण्डेय ने मंत्रालय में पहचान और विभाग में काम करने का दिया झांसा
बालोद (खटपट न्यूज)। मंत्रालय में कार्यरत होने और महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर भर्ती कराने का झांसा देकर एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से साढ़े 3 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। कार्यकर्ता की रिपोर्ट पर मुख्य आरोपी सहित 2 लोगों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

प्रतीकात्मक चित्र

जानकारी के अनुसार बालोद जिले के कोतवाली थाना में ग्राम बघमारा निवासी एवं बघमरा केन्द्र क्रमांक-1 में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यशोदा साहू पति झाडूराम साहू के साथ यह ठगी हुई है। 21 मई 2020 को उसकी सुपरवाइजर फागेश्वरी साहू निवासी देवारभाठा ने पर्यवेक्षक पद पर भर्ती निकलने की जानकारी दी और अशोक पाण्डेय उर्फ बड़े पाण्डेय के नाम से मंत्रालय में पहचान होना बताया। अशोक पाण्डेय महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग में कार्यरत है यह बताया गया और अशोक ने ही पीड़िता यशोदा साहू से पर्यवेक्षक भर्ती का फार्म भरवाया। 15 दिन के भीतर नौकरी मिलने पर आश्वासन दिया। इसके एवज में 3.50 लाख रुपए अशोक पाण्डेय के बताए अनुसार नारायणपुर निवासी मोहन नेगी के खाता में 3 किश्तों में 2 लाख 20 हजार, 80 हजार व 50 हजार रुपए जमा कराया। पीड़िता को न नौकरी मिली और न उसके रुपए वापस किए गए बल्कि गोल-मोल जवाब देकर टालते रहे। इसका प्रमाण और अशोक पाण्डेय का कॉल रिकार्ड भी पीड़िता के पास मौजूद है। उसकी रिपोर्ट पर बालोद पुलिस ने अशोक पाण्डेय व मोहन नेगी के विरूद्ध अपराध क्र. 229/21 पर धारा 420, 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
दूसरी तरफ महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ठगी के आरोपी का विभाग से कोई लेना देना नहीं है। इस संबंध में संचालनालय के एक उच्च पदस्थ भरोसेमंद सूत्र से पता चला है कि इस नाम का व्यक्ति मंत्रालय के किसी अन्य सेक्शन में जरूर काम करता है, लेकिन उसका महिला एवं बाल विकास विभाग से कोई संबंध नहीं है। आरोपी के नाम से पहले भी कई बार शिकायतें हो चुकी हैं।
0 कई जिलों में ठग चुका है कार्यकर्ताओं को

जानकारी मिली है कि इस व्यक्ति ने राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, बिलासपुर, महासमुंद आदि जिलों में कई लोगों के जरिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से ठगी की है। इन जिलों में कई ठग मंत्रालय और संचालनालय तक अपनी पहुंच बताते हुए सक्रिय हैं कई ऐसे भी मामले हैं जिनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने नकदी लाखों रुपये दे दिए हैं, लेकिन बेइज्जती के डर में से वे ना तो ठगे जाने की जानकारी किसी को दे रही हैं, ना ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा रही हैं। इसलिए कई ठग अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और बेखौफ होकर घूम रहे हैं। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे ठगों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए विभाग खुद भी पहल कर रहा है। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को खुलकर सामने आना चाहिए और जिन लोगों ने रुपए लेकर उन्हें अपना शिकार बनाया है उनके खिलाफ विधिवत रिपोर्ट दर्ज कराना चाहिए।

00 सत्या पाल 00 (7999281136)

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