सीएम की जिला घोषणा, बूथ मैनेजमेंट और प्रभारी मंत्री की घेराबंदी, 30 हजार वोटों से जीतने की तैयारी


0 मरवाही विधानसभा चुनाव में जीत के प्रति पूर्ण आश्वस्त कांग्रेस

कोरबा/पेण्ड्रा(खटपट न्यूज़)। मरवाही विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में कांग्रेस अपनी जीत के प्रति पूर्ण आश्वस्त है। लगभग 30 हजार और इससे अधिक मतों से जीतकर 70वीं सीट भी अपने खाते में जोड़ने की तैयारी में कांग्रेसी हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में मरवाही सीट जीतने के लिए शुरू से ही खाका तैयार कर लिया गया था। प्रशासनिक तौर पर काफी सुलझे और संगठन की खासी समझ रखने वाले भूपेश बघेल द्वारा यहां प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल को तैनात कर जहां पूरी रणनीति तैयार की गई वहीं दूसरी ओर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को नवगठित जिला घोषित कर यहां के विकास के लिए घोषणाएं, मेडिकल कॉलेज, तहसील कार्यालय की सौगात को भी जनता के समक्ष प्रमुखता से रखा गया। यहां त्वरित विकास की घोषणाएं जीत का एक बड़ा कारण होंगी। लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत का भी क्षेत्र में लगातार प्रवास रहा और महिला मतदाताओं से वे लगातार संपर्क बनाए रखीं।
ऐन चुनाव के दौरान भाजपा व जोगी कांग्रेस की लगातार जुगलबंदी को भूपेश बघेल भांप गए थे और यही कारण रहा कि राजस्व मंत्री जयसिंह के अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम, मुख्यमंत्री के खास सिपहसलार प्रदेश कांग्रेस में संगठन महामंत्री रहे एवं वर्तमान में खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन पूरे समय मुस्तैद कमान संभाले रहे।
पार्टी प्रत्याशी डॉ. केके धु्रव को जिताने के लिए नवगठित गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के प्रभारी मंत्री व प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रारंभ से ही जो घेराबंदी की और जोगी कांग्रेस तथा भाजपा के लोगों का कांग्रेस में प्रवेश कराया, उससे पक्ष में स्थिति मजबूत हुई। बेशक राजस्व मंत्री ने चुनाव जिताने के लिए तगड़ी घेराबंदी की है वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सरकार के मंत्री, विधायक शैलेष पांडेय, वरिष्ठ नेता अटल श्रीवास्तव, आशीष सिंह ठाकुर, अर्जुन तिवारी, मरवाही जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज गुप्ता, उत्तम वासुदेव सहित संगठन के पदाधिकारियों ने भी पूरी ताकत झोंक दी।
0 राजेश तिवारी का बूथ मैनेजमेंट

फाइल फोटो

चुनावों में बूथों पर गहरी पकड़ और उस बूथ के कार्यकर्ताओं से लेकर मतदाताओं के मध्य बेहतर प्रबंधन जीत की बड़ी वजह होती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए तगड़े बूथ मैनेजमेंट को विगत विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल किया और रिकार्ड सीटों से जीतकर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाई। मरवाही विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में भी बूथ मैनेजमेंट की चाबी से जीत का ताला खोलने की मेहनत की गई। मरवाही उपचुनाव में भी बूथ मैनेजमेंट को खास महत्व दिया गया और कांकेर के युवा नेता व मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई। नि:संदेह राजेश तिवारी के बेहतर बूथ मैनेजमेंट का नतीजा है कि कांंग्रेस के वोट मजबूत हुए हैं। बूथों पर हुए मतदान के आंकड़ों के आधार पर मंथन का दौर जारी है जो मतगणना दिवस पर जाकर थमेगा। मरवाही को जीतने के लिए मंत्रियों, विधायकों व संगठन के अधिकारियों सहित जमीनी कार्यकर्ताओं की भी अहम भूमिका रही है।

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