साहित्य से नई चेतना व उर्जा का होता है संचार : महापौर


कोरबा, (खटपट न्यूज)। पं.मुकुटधर साहित्य भवन में महापौर राजकिशोर प्रसाद के मुख्य आतिथ्य में संकेत साहित्य समिति का 40वां स्थापना दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि साहित्य से नई चेतना एवं उर्जा का संचार होता है। उन्होंने छायावाद के प्रवर्तकों का उल्लेख करते हुए पं.मुकुटधर पाण्डेय के अभिनव योगदान की सराहना की साथ ही भक्ति काल, वीर गाथा काल, रीति काल एवं आधुनिक काल के सभी साहित्यकारों की रचनाधर्मिता को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया। समिति के सचिव राकेश खरे ने 40वर्षों की गतिविधियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया।
साहित्य समिति के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ.माणिक विश्वकर्मा नवरंग ने कहा कि साहित्य समितियां समाज हित एवं राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। परस्पर मतभेद भुलाकर इन्हें सिंचित करना चाहिए ताकि इनका अस्तित्व बरकरार रहे और नयी पीढ़ी को सदैव मार्गदर्शन मिलता रहे। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार मो.यूनुस दनियालपुरी, उमेश अग्रवाल एवं जेपी श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान महावीर चन्द्रा ने अपनी कृति गीता के गोठ मुख्य अतिथि को भेंट किया। साहित्यकारों द्वारा विविध विषयों से संबंधित रोचक गीत, ग़ज़ल, दोहा, सवैया एवं कविताएं प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम में जेपी श्रीवास्तव, इक़बाल अहमद अंजान, मुकेश चतुर्वेदी, दिलीप अग्रवाल, महावीर प्रसाद चन्द्रा, चन्द्रशेखर शर्मा, ओम यादव, अजय सागर गुप्ता, शिवानंद श्रीवास्तव, जीतेंद्र वर्मा खैरझिटिया , निर्मल राज , बंशीलाल यादव, बलराम राठौर, संतोष कुमार मिरी, राजकुमार सोनी, शिवकुमार साहू,रमाकान्त श्रीवास, शनि प्रधान दीपक सिंह ठाकुर, गीता विश्वकर्मा, संतोषी महंत श्रद्धा, लता चन्द्रा, रामकली कारे, वीणा मिस्त्री, अंजना सिंह ठाकुर, किरण सोनी, पूजा तिवारी कौशल्या खुराना एवं वंदना खरे उपस्थित थे।

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