सरकार बनी अभिभावक : कोरोना से निराश्रित हुए बच्चों की ज़िला कलेक्टरों से माँगी गई सुची, स्कुल फ़ीस और हर माह छात्रवृत्तियाँ देगी भूपेश सरकार

रायपुर ,कोरोनावायरस से अपने माता पिता या कि आश्रितों को खो चुके बच्चों के लिए अभिभावक की भुमिका अब राज्य सरकार निभाएगी। राज्य सरकार ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे कोरोना की वजह से मारे गए लोगों और उनके परिजनों की सुची उपलब्ध कराएँ। राज्य सरकार कोरोना से मारे गए लोगों के बच्चों के अध्ययन और देखरेख की सुनिश्चित व्यवस्था करने जा रही है।भूपेश सरकार ने यह तय किया है कि कोरोना से मारे गए लोगों के बच्चों की पढ़ाई और जीवन में कोई समस्या ना आए। स्कुल शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह ने बताया“इसके लिए राज्य सरकार ने तीन निर्णय लिए हैं जिनमें जिन स्कुलों में बच्चे पढ़ रहे हैं वहाँ की फ़ीस राज्य सरकार देगी, दूसरा बच्चों को छात्रवृत्तियाँ दी जाएँगी जिसमें पहली से आठवीं प्रति माह पाँच सौ रुपए जबकि नवमीं से बारहवीं तक एक हजार रुपए दिए जाएँगे..वहीं इन बच्चों को यदि वे चाहेंगे तो आत्मानंद स्कुलो में वरियता के साथ एडमिशन दिया जाएगा”इसके लिए ज़िला कलेक्टरों से सुची मंगाई जा रही है जो कि वे स्वास्थ्य अधिकारियों से लेंगे जिसके बाद मृतकों के बच्चों की जानकारी ज़िला शिक्षा अधिकारी तैयार करेंगे। अभी तक राज्य में तीन हज़ार बच्चों की जानकारी आ गई है, सबसे ज़्यादा संख्या रायपुर और दुर्ग इलाक़े से आई है। प्रति माह जानकारी भेजी जा रही है।

Advertisement Carousel