
कोरबा(खटपट न्यूज़)। शहर के सरकारी स्कूलों में जहां अव्यवस्था का आलम अक्सर देखने को मिलता है वहीं ग्रामीण अंचल में स्थिति इससे भी ज्यादा मनमानी पूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल समय पर नहीं खुलने और प्रधान पाठकों तथा शिक्षकों के समय पर नहीं पहुंचने के मामले पहले सामने लाए जा चुके हैं और करतला ब्लाक के मामलों में ही कार्रवाई हुई है जबकि कोरबा ब्लाक के लापरवाह लोगों पर कार्यवाही की सुगबुगाहट तक नहीं है। अभी ग्रामीण अंचलों के स्कूल समय से पहले बंद कर दिए जा रहे हैं।

2 दिन पहले ही जहां करतला ब्लॉक के जर्वे और दमखांचा के प्राथमिक स्कूल में 11 बजे से पहले ही ताला लगा हुआ मिला वहीं आज कोरबा ब्लॉक के ग्राम सरईडीह के भदरापारा शासकीय प्राथमिक शाला में 10:30 बजे ही ताला लटक गया था। यहां पर दो शिक्षक पदस्थ हैं। इसी तरह प्राथमिक शाला जर्वे के प्रधानपाठक भागवत प्रसाद यादव ने गांव में शादी होने की वजह से विद्यालय जल्दी बन्द करने की बात कही वहीं दमखांचा के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानपाठक बिंझवार सर से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु संपर्क नहीं हो पाया।

नियमतः सुबह 11:30 बजे तक विद्यालय खुला रखना है लेकिन कुछ स्कूलों में नियमों को अनदेखा कर विद्यालय में समय से पहले ही ताला जड़ दिया जाता है। हालांकि शिक्षा विभाग ने शासन के निर्देश पर 24 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश की घोषणा कर दी है लेकिन इस घोषणा से पहले ही स्कूलों में शिक्षक/ प्रधान पाठक ) समय पूर्व अवकाश कर रहे हैं।















