बिलासपुर(खटपट न्यूज़)। पीएससी द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में श्रवण बाधित विकलांग श्रेणी में एक पद सुरक्षित रखने का आदेश उच्च न्यायालय ने दिया है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के अधीन सहायक प्राध्यापक की भर्ती की प्रक्रिया प्रारम्भ की गयी है। भर्ती पीएससी के माध्यम से लिखित परीक्षा के द्वारा की ज़ा रही है। छग लोक सेवा आयोग( पीएससी ) द्वारा प्रकाशित विज्ञापन में दिव्यांगजनों हेतु भी पद आरक्षित किये गए किंतु विज्ञापन में केवल अस्थिबाधित विकलांग श्रेणी एवं दृष्टिबाधित विकलांग श्रेणी हेतु ही पद आरक्षित किये गए थे। श्रवण बाधित विकलांग श्रेणी हेतु पृथक से पद आरक्षित नहीं किये गए थे। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2018 में एक परिपत्र /दिशा-निर्देश जारी किया गया था ज़िसमें यह प्रावधान किया गया था की तीनों तरह के विकलांग श्रेणी में पृथक-पृथक आरक्षण दिया जायेगा अर्थात अस्थिबाधित, दृष्टिबाधित व श्रवण बाधित में 2-2 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। पीएससी द्वारा प्रकाशित विज्ञापन में श्रवण बाधित विकलांग श्रेणी हेतु आरक्षण नहीं दिया गया था। इसके विरुद्ध दिनेश कुमार देवांगन ने हाईकोर्ट अधिवक्ता सुशोभित सिंह के माध्यम से उच्च न्यायालय, बिलासपुर में याचिका प्रस्तुत की। माननिय उच्च न्यायालय ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए शासन एवं छग लोक सेवा आयोग (पीएससी) को नोटिस जारी कर श्रवण बाधित विकलांग श्रेणी में एक पद सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।















