कोरबा(खटपट न्यूज़)। अध्यापन कार्य में लापरवाही, विद्यालय देर से आने और जल्दी चले जाने के कारण डीईओ ने करतला बीईओ के जांच प्रतिवेदन के आधार पर सलिहाभाठा प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया है। दूसरी ओर 31 मार्च को सामने आए लापरवाही के मामले में कार्यवाही अभी तक लंबित है। कोरबा बीईओ ने इस मामले में संज्ञान नहीं लिया है और ना ही डीईओ ने किसी तरह की जांच कराया है।
यह नजारा कोरबा विकासखंड अंतर्गत संकुल भैंसमा के शासकीय प्राथमिक शाला ग्राम डोंगदरहा में 31 मार्च 2022 को देखने को मिला था जब स्कूल पहुंचे बच्चे कमरे के बाहर नजर आए। यहां सुबह 10:35 बजे तक भी स्कूल के किसी भी कमरे का ताला नहीं खुला था। जब यहां का चपरासी पहुंचा और उसने ताला खोला तब जाकर बच्चे अपनी कक्षाओं में बैठ पाए लेकिन इस समय तक कोई भी शिक्षक, प्रधान पाठक तक विद्यालय नहीं पहुंचे थे।
इस स्कूल में भृत्य और गुरुजी के पहुंचने से पहले बच्चे पहुंच जाते हैं। यह लोग ताला बंद कमरे के बाहर बैठकर इनके आने का इंतजार करते हैं। निर्धारित समय से स्कूल में कक्षाएं प्रारंभ हो जानी चाहिए लेकिन समय से लगभग 1 घंटे बाद यहां कक्षा प्रारंभ हो रही है। समाचार प्रसारण के बाद भी इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया और न ही जांच कराई गई जबकि ग्रामीणों ने मामले में अपेक्षित कार्रवाई की उम्मीद विभाग से जताई है।

इधर दूसरी ओर खटपट न्यूज़ द्वारा ही 2 अप्रैल को विकासखंड करतला के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सलिहाभांठा के मामले में प्रसारित खबर पर संज्ञान लेते हुए करतला बीईओ से जांच कराई गई और प्रधान पाठक अमृतलाल बघेल को निलंबित कर दिया गया है। श्री बघेल को देर से विद्यालय आने, विद्यालय में अध्यापन कार्य नही कराने और विद्यालय से जल्दी चले जाने की शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी जी.पी. भारद्वाज ने कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया है। यहां बच्चे खुद से ही क्लास में पढ़ाई करते नजर आए थे जबकि शिक्षिका और प्रधान पाठक नदारद मिले थे।
निश्चित ही ग्रामवासियों ने लापरवाही के मामलों में विभागीय कार्यवाही के तरीके पर आश्चर्य जताया है कि कोरबा खंड के मामले में नरमी बरती जा रही है और करतला में कार्यवाही हो गयी। निस्संदेह खंड और संकुल स्तर पर की जाने वाली निगरानी और समय-समय पर औचक निरीक्षण का अभाव को इस तरह की अव्यवस्था के लिए जवाबदार कहां जा सकता है















