Friday, April 3, 2026
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शनिवार को बच्चे नहीं ले जा सकेंगे स्कूल बैग… खेलकूद, संगीत, योग और पीटी में बीतेगा पूरा दिन

रायपुर (खटपट न्यूज)। अब शनिवार को बच्चे स्कूल बैग नहीं ले जा सकेंगे। बच्चों के लिए शनिवार का दिन खेलकूद, गीत-संगीत, कहानी-कविता से भरा होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके व्यापक निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि शनिवार का दिन स्कूलों में अलग-अलग समय निर्धारित कर खेल-कूद, योग-व्यायाम, पीटी, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधि होंगी। कक्षा पहली से आठवीं तक के स्कूलों में व्यायाम, योग, क्रीड़ा प्रतियोगिता, साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियां, मूल्य-शिक्षा, कला-शिक्षा, पुस्तकों के अतिरिक्त पुस्तकालय एवं अन्य पठन सामग्रियों का उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है। साहित्यिक गतिविधि में छत्तीसगढ़ की विभूतियों, भारतीय संविधान, संविधान की प्रस्तावना, शारीरिक शिक्षा और नैतिक शिक्षा आदि को शामिल किया गया हैं।
कहानी-कथन के अलावा, वाद-विवाद प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, तात्कालीक भाषण, प्रश्नमंच, समूह परिचर्चा भी इसमें शामिल है। निबंध, कविता, कहानी, संवाद लेखन, और चार्ट निर्माण की प्रतियोगिता आयोजित करने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है, स्कूली शिक्षा को रोचक, व्यावहारिक और अपने आस-पास के माहौल से जोड़ने के लिए यह कोशिश शुरू की जा रही है।
निर्देशों में कहा गया है, शनिवार को कृषि, जल, पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण, पशु संरक्षण एवं संवर्धन पर परिचर्चा आयोजित की जाए। गणित क्लब, विज्ञान क्लब, अंग्रेजी क्लब आदि की गतिविधियों का आयोजन किया जाए। इन पर आधारित प्रतियोगिता हो। मॉडलों का निर्माण एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया जाए। बच्चों को प्रत्येक स्तर के लिए विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के संदर्भ में जागृत और प्रेरित किया जाए। बच्चों को मार्गदर्शन देने के लिए कैरियर एंड काउंसिलिंग के सत्र आयोजित किया जाए।
0 बाल संसद और बाल मेला का भी होगा आयोजन
सांस्कृतिक गतिविधियों के तहत रंगोली, मेहंदी, पुष्प सज्जा, ग्रीटिंग कार्ड बनाना सिखाया जाए। लोग गीत, लोक नृत्य, लोक कथा, नाटक-मंचन, अभिनय, एकल अभिनय, देशभक्ति गीत, गायन-वादन की गतिविधि की जा सकती है। बच्चों को लोक कला-संस्कृति से जुड़े स्थानीय कलाकारों से परिचित कराएं। उनकी प्रस्तुति भी हो। स्कूलों में बाल संसद और बाल मेला का आयोजन भी किया जाए। बच्चों को विभिन्न पेशों-नौकरियों की जानकारी भी देनी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने शनिवार दिन का उपयोग बच्चों के कॅरियर गाइडेंस के लिए करने का भी मॉडल बनाया है। कहा गया है कि शनिवार को स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, उद्यमियों, विभिन्न विभागों में कार्यरत नौकरीपेशा व्यक्तियों को विद्यालय में बुलाया जाए। उनसे बातचीत कर उनके कार्यों की जानकारी बच्चों को दें। इससे बच्चे हर तरह के काम और उसके लिए कैसे तैयारी करनी है वह जान पाएंगे। उन्हें प्रेरणा भी मिलेगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राचार्यों और प्रधानपाठकों को अपने स्कूल के लिए माह के प्रत्येक शनिवार की गतिविधियों की पूर्वयोजना बनाने को कहा है। यह योजना स्कूल के सूचनापट पर प्रदर्शित किया जाएगा। शनिवार की विभिन्न गतिविधियों में विद्यार्थियों के बेहतर कार्यों को यहीं पर प्रदर्शित भी किया जाएगा। उदाहरण के लिए प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शकों के नाम का डिस्प्ले, विद्यार्थियों की ड्राइंग, पेंटिंग, निबंध आदि को यहीं प्रदर्शित किया जाएगा।

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