वर्षों से कर्ज में डूबकर तनावग्रस्त ठेकेदार बोनी ने चुना मौत का रास्ता, फंदे पर मिली लाश

कोरबा (खटपट न्यूज)। शहर के एक ठेकेदार ने कर्ज के बोझ तले दबकर दिल्ली स्थित अपने निवास में खुदकुशी कर ली।
कोतवाली थाना क्षेत्र के दर्री रोड का निवासी सुरेन्द्र पाल सिंह ( बोनी खालसा) पिता महेन्द्र सिंह खालसा कोयला खदान सहित विभिन्न निर्माण क्षेत्रों में ठेका कार्य लिया करता था। इस कार्य के लिए उसने बड़ी-बड़ी मशीनें और उपकरण फायनेंस कराया था। कामकाज के सिलसिले में कोरबा के अलावा दूसरे जिलों में भी आना-जाना था। बताया जा रहा है कि बोनी खालसा करीब 4-5 वर्षों से कामकाज को लेकर परेशान रहा करता था व बड़ी-बड़ी मशीनें फायनेंस में ली थी जिसकी किस्त अदायगी भी नहीं हो पा रही थी। कुछ महिने पहले ही रायगढ़ के एक पेट्रोल पंप संचालक के द्वारा इनके खिलाफ लाखों रुपए के पेट्रोल भराने और किए गए अनुबंध का पालन न करने पर अमानत में खयानत व धोखाधड़ी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इन सब घटनाक्रम के बाद से बोनी शहर से बाहर ही था।

निकटतम सूत्र बताते हैं कि आर्थिक तंगी दूर करने के लिए उसने कुछ महीने पहले ही दर्री रोड स्थित अपना एक प्लॉट भी बिक्री कर दिया था लेकिन हालातों में कोई सुधार नहीं आ पा रहे थे। इस बीच उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर कोरबा में निवासरत परिजनों तक पहुंची। दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित निवास में वह पत्नी व बच्चे के साथ रह रहे थे। उक्त मकान के कमरे में शुक्रवार को उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस ने मर्ग कायम करने के साथ ही कोरबा निवासी परिजनों को इस बारे में सूचना दी। घटना की जानकारी यहां मिलने पर उसके परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। फिलहाल माना जा रहा है कि कर्ज के तनाव में डूबे बोनी ने इन्हीं कारणों से आत्मघाती कदम उठाया होगा। प्रारंभिक तौर पर किसी तरह का सुसाइड नोट आदि मिलने की कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही यहां दर्ज अपराध के सिलसिले में कोरबा पुलिस सुरेन्द्र सिंह की तलाश में दिल्ली गयी थी जहां दरवाजा लॉक होने व किसी के नहीं मिलने पर पुलिस वापस लौट आई। माना जा रहा है कि दर्ज मामलों में पुलिस कार्यवाही और गिरफ्तारी के बढ़ते दबाव के कारण उसने यह रास्ता चुना।

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