Friday, March 27, 2026
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वर्चस्व की लड़ाई में खराब हो रही पाली की हवा,बिगड़ रहा सौहार्द्र


कोरबा-पाली (खटपट न्यूज)। महिषासुर मर्दिनी और ऐतिहासिक शिव मंदिर की नगरी पाली की आबो-हवा इन दिनों पिछले कुछ महीनों से खराब चल रही है। यहां वर्चस्व की लड़ाई में आपसी सौहार्द्र भी बिगड़ने लगा है। इसके लिए वजह कोयला का कारोबार प्रमुख है।

जिले के पश्चिम में पाली के समीप ग्राम बुड़बुड़ में सराइपाली खुली कोयला खदान में अपना-अपना वर्चस्व कायम करने के लिए सारा झोल-झाल है। विगत कुछ महीनों के भीतर खदान के अंदर से लेकर बाहर तक मारपीट की घटनाएं हुई हैं। राजनीतिक रसूख रखने वालों से लेकर ऐसे लोग जो कभी इस तरह के कामकाज से वास्ता नहीं रखते थे, उनके द्वारा भी कोयला के काम में हाथ काला करने की होड़ में आपसी संबंधों को चूल्हे में झोंका जा रहा है। विगत दिनों युवा पत्रकार और नगर पंचायत पाली के उपाध्यक्ष के बीच हुई मारपीट की घटना हो या तलवार लहराने का मामला या फिर खदान में ड्यूटी के दौरान घुसकर गौरव सिंह ठाकुर के साथ सुरेंद्र राठौर, श्रीकांत सोनकर, चंदन नायक, मंगला देवी के द्वारा कथित रूप से हाथापाई, मारपीट, गाली-गलौज का मामला हो या श्रीकांत सोनकर के साथ जातिगत गाली-गलौज कर गौरव व रोशन ठाकुर के द्वारा धमकी-चमकी की घटना हो। पूर्व में रंजीत नामक व्यक्ति के साथ हुई मारपीट को लेकर गौरव व रोशन ठाकुर और अन्य लोगों के बीच गहराया विवाद या सुरेंद्र राठौर एवं भरत श्रोते के साथ लाठी-डंडा से मारपीट की घटना में रिपोर्ट के लिए सहयोग करने पर गाड़ी में तोड़-फोड़ की घटना हो, सहित घटित कुछ अन्य मामले, ये सभी घटनाएं पिछले दो माह के भीतर की हैं। आपस में उलझने वाले कहीं न कहीं इन घटनाक्रमोंं से पहले सौहार्द्रपूर्ण रवैया रखते रहे लेकिन वर्चस्व की लड़ाई और प्रतिद्वंदिता के दंश ने इन्हें ऐसा प्रभावित किया है कि पाली नगर कई गुटों में बंट रहा है और तनाव भी बढ़ रहा है। इस बीच घटनाक्रमों को लेकर एवं अवैध ढंग से होने वाले कामकाज में संलिप्त कुछ लोगों के द्वारा अपने आप को सही साबित करने की कवायदों में एक-दूसरे को गलत ठहराने व झूठी शिकायतें करने का भी सिलसिला चल पड़ा है। तलवार लहराने से लेकर चेहरा बांधकर पत्थरबाजी की घटना कोई मामूली बात नहीं, लेकिन हाल-फिलहाल होने वाली घटनाओं में एफआईआर के बाद भी रखे जाने वाले रंज को दरकिनार कर अनदेखी करना भी उचित नहीं है। नि:संदेह पाली थाना प्रभारी से लेकर स्टॉफ को अपने आंख-कान खुले रखने होंगे। इसमें कोई संदेह नहीं कि पुलिसिया कार्यवाही में दोस्ती या रिश्तेदारी निभाना महंगा भी पड़ सकता है। वैसे भी छोटे से नगर पाली में राजनैतिक दखल के साथ अवैध कार्यों में गहरे तक हाथ डालने के मामलों ने बदलते परिदृश्य में आपसी रंजिश, गुटबाजी को हवा दे दी है। अब यह हवा ज्यादा फैलकर नफरत की आग और नगर की शांति व्यवस्था को झुलसाने का काम न करे, यह दारोमदार गणमान्यजनों के साथ-साथ पुलिस और स्थानीय प्रशासन का भी है।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)

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