लापरवाही : ट्रेलर की लाइट से चुंधियाई आंख और चंद मिनटों में बुझ गया घर का चिराग….

प्रतीकात्मक चित्र

कोरबा (खटपट न्यूज)। कोरबा शहर से लेकर उपनगरीय और ग्रामीण अंचलों की ओर जाने वाली सड़कें जानलेवा हो रही हैं। गुणवत्ताहीन निर्माण के बाद इनके संधारण और मरम्मत में भी घटियापन दिखाए जाने के कारण लोगों की जान आफत में रहती है। एक तो जर्जर सड़कें और इनके बीच व किनारों में मौजूद छोटे-बड़े गड्ढों के अलावा तेज रफ्तार और यातायात नियमों का पालन किए बगैर चलाए जा रहे भारी वाहन कब किसकी जान ले लें, यह कहना मुश्किल है। बहुत ही कम वाहन चालक वाहन चलाते समय अपर-डिपर लाइट का उपयोग करते हैं जिससे कि सामने वाले वाहन चालक की आंख में रोशनी न पड़े और उसे किनारे से निकलने में सहुलियत हो। यातायात नियमों का पालन कराने वालों से लेकर परिवहन विभाग, उड़नदस्ता दल, वाहन मालिकों की अनदेखी और कम वेतन पर नौसिखिया चालक रखने की प्रवृत्ति से इस तरह के हादसे हो रहे हैं, यह कहना गलत नहीं होगा। ऐसे ही एक लापरवाह चालक की वजह से बाइक चालक युवक की आंख चुंधिया गई और गड्ढे में गिरकर मौत को प्राप्त हो गया।

जानकारी के अनुसार ग्राम नकटीखार निवासी रोहित कुमार पैकरा मोदी राइस मिल बरबसपुर में काम करता है। 28 सितंबर को शाम 8 बजे कोरबा से अपने दोस्त संजय कुमार यादव के साथ उसकी मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी-12 एएन 8220 पर सवार होकर दोस्त के गांव जा रहा था। इस दौरान मोटरसाइकिल संजय कुमार चला रहा था और रोहित कुमार पीछे बैठा था। करीब 8.30 बजे ग्राम पंडरीपानी मार्ग में सामने से आ रही ट्रेलर की लाइट बाइक चला रहे संजय की आंख में पड़ी और वह ट्रेलर से बचने के लिए सड़क के किनारे बाइक को ले गया और गड्ढा में बाइक समेत दोनों दोस्त गिर पड़े। हादसे में संजय कुमार की मौके पर मौत हो गई। रोहित कुमार का पैर फ्रेक्चर हो गया। पैर टूटे होने के कारण वह सड़क तक नहीं आ सका और 29 सितंबर को राहगीरों की मदद से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जा सका। इसके पश्चात जिला अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर रामपुर चौकी पुलिस ने घटना की जानकारी प्राप्त की और रोहित की रिपोर्ट पर बाइक चालक मृतक संजय कुमार के विरुद्ध लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने व गैरइरादतन हत्या के जुर्म में धारा 279, 337, 304 ए भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

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