Thursday, March 26, 2026
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लापरवाही:बालगृह से भागे 2 बच्चे, एक नहर में गुमा, तलाश जारी


कोरबा (खटपट न्यूज़)। कोरबा में बाल गृह से भागकर नहर मे नहाने गए दो बच्चे डूब गए। इसमें से एक ने तो किसी तरह से अपनी जान बचा ली मगर दूसरे का घटना के 30 घंटे से भी अधिक समय बाद भी कुछ पता नहीं चल सका है। पुलिस और गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक दर्री थाना अंतर्गत दर्री में में बाल गृह संचालित है जहाँ ऐसे बच्चे रहते हैं जिनके मां-बाप पालन पोषण नहीं कर सकते। यहां करीब ऐसे ही 28 बच्चे रहते हैंं। इस बीच शनिवार सुबह बाल गृह प्रशासन में तब हड़कंप मच गया। जब उन्हें पता चला कि बाल गृह से 2 बच्चे गायब हैं। एक बच्चा 5वीं क्लास में पढ़ता है तो दूसरा 7वीं में पढ़ता था। बच्चों की उम्र 12 और 14 साल है। दोनों सुबह 7 बजे से गायब थे। इसकी खबर बाल गृह प्रशासन ने दर्री पुलिस को दिया। दोपहर 12 बजे के आस-पास की दोनों बच्चे भागकर बालको क्षेत्र के शिवनगर रुमगरा के पास बहने वाले नहर में नहाने के लिए पहुंच गए। दोनों नहाने के लिए जिस जगह पर कूदे वह जगह काफी गहरी थी, दोनों को इस बात का अंदाजा ही नहीं था। इसके बाद 7वीं में पढ़ने वाला बच्चा वहीं डूब गया जबकि 5वीं क्लास में पढ़ने वाले बच्चे ने तैरकर किसी तरह अपनी जान बचाई। पुलिस को मौके से बच्चे का कपड़ा मिला।
जिस बच्चे ने अपनी जान बचाई, वह नहर के पास से भागता हुआ सीधा बाल गृह पहुंच गया और पूरी जानकारी प्रबंधन को दी। दोपहर करीब 2 बजे प्रबंधन ने इसकी जानकारी पुलिस को दी जिसके बाद बच्चे की तलाश शुरू की गई। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया लेकिन शनिवार शाम तक भी उसका कुछ पता नहीं चला। रविवार सुबह से भी उसकी तलाश जारी रही फिर भी दिन भर कुछ पता नहींं चल सका। जान बचाकर वापस लौटे 5वीं के छात्र ने बताया कि दोनों शनिवार सुबह 7 बजे भाग गए थे। प्लान बनाया था कि दोनों घूमेंगे। भागने का मौका तब मिला जब सुबह काम करने वाली बाई ने पीछे का दरवाजा खोल रखा था। दरवाजा खुला देख मौका पाकर दोनों निकल गए। वहां पर एक साइकिल थी जिसे लेकर नहर के पास गए थे। शनिवार को आस-पास के लोग भी मौके पर पहुंचे थे। इस बांध से आस-पास के प्लांट को पानी सप्लाई किया जाता है। इसी वजह से इस नहर में पानी का तेज बहाव था। जिस जगह पर बच्चे पहुंचे थे वो जगह भी काफी गहरी है। यही वजह है कि बच्चे का अब तक कुछ पता नहीं चला है। इस मामले में बाल गृह प्रबंधन की लापरवाही पर कलेक्टर कार्रवाई कर सकती हैं।

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