
बिलासपुर(खटपट न्यूज़)। रेलवे विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को कार्मिक विभाग में कार्यालय अधीक्षक (ओएस) के पद पर कार्यरत लिपिक को तीन हजार रुपए रिश्वत लेते भरे बाजार में रंगे हाथ पकड़ा। उसने अनूपपुर सेक्शन के अम्लाई में कार्यरत ट्रैक मेंटेनर से म्यूचअल ट्रांसफर कराने के एवज में घूस मांगा था।
जानकारी के अनुसार मूलत: महाराष्ट्र निवासी होने के कारण मिथिलेश को बिलासपुर डिवीजन में रहकर काम करने में समस्या हो रही थी। इसे देखते हुए दिसंबर 2020 में उसने नागपुर के तुमसर रोड स्टेशन के एक ट्रैक मेंटेनर से म्यूचुअल ट्रांसफर की चर्चा करने के बाद अधिकारियों से भी अनुमति ले ली थी।
नागपुर डिवीजन जाने के लिए मिथिलेश परते को अनुमति का कागज लेना था। इसके लिए मिथिलेश ने डीआरएम कार्यालय के पीछे बने सीनियर डीपीओ विभाग में कार्यरत ओएस जयप्रकाश से संपर्क किया। मिथिलेश को कागज देने के बदले पहले पांच हजार रुपए की मांग की गई।
इसके बाद मिथिलेश और जयप्रकाश के बीच सौदा तय हो गया। कुछ दिन पहले मिथिलेश ने जयप्रकाश को दो हजार रुपए नगद दे दिया। बचे हुए तीन हजार रुपए देने के लिए जयप्रकाश ने 13 दिसंबर को मिथिलेश को आफिस बुलाया था, लेकिन जयप्रकाश सोमवार को कार्यालय नहीं पहुंच सका।
मिथिलेश ने परेशान होकर इसकी सूचना विजिलेंस को दे दी। विजिलेंस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए रणनीति बनाई। और मंगलवार की सुबह 11 बजे मिथिलेश ने जयप्रकाश को फोन किया। जब उसने बुधवारी बाजार पुराना पोस्ट आफिस के बाद सब्जी बाजार में बुलाया।
जयप्रकाश अपनी स्कूटी में पहुंचा तब तक विजिलेंस की टीम के सदस्य भी स्कूटी, बाइक और कार में पूरी स्थिति पर नजर बनाए रखे। जैसे ही रंग लगे हुए पांच-पांच सौ रुपए के छह नोट जयप्रकाश ने हाथ में गिनना शुरू किया विजिलेंस की टीम ने तत्काल उसे पकड़ लिया।















