
कोरबा (खटपट न्यूज)। बरसात का मौसम शुरू होते ही रेत घाटों को बंद करा दिया गया है। इसके साथ ही नदी-नालों से खनन की जाने वाली रेत पर भी प्रतिबंध लग गया है लेकिन व्यवस्था को धता बताकर और सिंडीकेट बनाकर राताखार-गेरवाघाट से रेत का अवैध खनन व चोरी शुरू कर दी गई है। यह काम 24 घंटा पहले से शुरू हुआ है और रात के वक्त दर्जनों गाड़ियां राताखार में मरघट के बगल लगाकर एवं गेरवाघाट से रेत निकाली जाने लगी है। स्थानीय विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि देर रात से लेकर घंटों तक राताखार-गेरवाघाट से रेत निकालने का सिलसिला चलता रहा। बता दें कि रेत खदान के लिए जारी अवधि के दौरान जहां मोतीसागर पारा रेतघाट खनन, रायल्टी दर और भंडारण को लेकर विवादों और सुर्खियों में रहा वहीं प्रतिबंध लगने के बाद राताखार-गेरवाघाट से रेत का अवैध खनन अपने आप में सवाल उत्पन्न कर रहा है। आखिर किसके इशारे और संरक्षण में यह सब हो रहा है जबकि पूर्व में राताखार के मरघट से रेत खोदने का विरोध स्थानीय पार्षद के द्वारा भी किया जा चुका है।















