Wednesday, March 25, 2026
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यूक्रेन में कोरबा, बिलासपुर सहित अन्य जिलों के भी छात्र फंसे,अब तक 73 संपर्क में

रायपुर/कोरबा(खटपट न्यूज़)। यूक्रेन और रूस के मदद छिड़ी जंग के बीच फंसे लोगों में छत्तीसगढ़ राज्य के कोरबा, बिलासपुर सहित अन्य जिला व शहर के लोग फंसे हैं। ये सभी विद्यार्थी वर्ग से हैं जो 600 किलोमीटर रेल यात्रा कर ओडेसा पहुंचे लेकिन तब तक युद्ध शुरू हो गया था। इन्हें अब तक भारतीय दूतावास से कोई ठीक जवाब नहीं मिल सका है और लोगों में आपातकाल के बीच आपाधापी मची हुई है।

रूस ने गुरुवार के तड़के की यूक्रेन पर हमला कर दिया। इस युद्ध की आहट को देखते हुए पहले ही वहां रहने वाले भारतीयों को सलाह दी गई थी कि वे जल्द से जल्द यूक्रेन छोड़ दें। वहां बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के भी अनेक छात्र-छात्राएं शामिल हैं। ऐसे ही एक छात्रा व उनके साथी गुरुवार को फ्लाईट पकड़ने ओडेसा पहुंचे। मगर तब तक युद्ध शुरू हो गया था। यूक्रेन में आपातकाल लागू हो गया है। ये छात्र-छात्राएं वहां एयरपोर्ट पर ही फंस गए हैं। रह रह कर धमाकों की आवाज से वे सिहर रहे हैं।
कोरबा जिला पुलिस बल में पदस्थ व वर्तमान यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक हरीश टांडेकर की पुत्री गीतिका टांडेकर भी उनमें से एक है। उसने 2017 में एमबीबीएस करने के लिए दनिप्रो पेट्रोवस्क की स्टेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और अभी अंतिम वर्ष की छात्रा है। निरीक्षक हरीश टांडेकर ने बताया कि ओडेसा सिटी जहां एयरपोर्ट है वह इस शहर के करीब 600 किलोमीटर दूर है। बुधवार को गीतिका व उनके सहपाठी ट्रेन से निकले। वे गुरुवार की अलसुबह जब ओडेसा पहुंचे तब तक रूस ने हमला कर दिया और पूरे देश में इमरजेंसी लागू हो गई। सभी हवाई सेवाएं बंद कर दी गईं जिसके कारण ये लोग भारत के लिए उड़ान नहीं भर सके। गीतिका ने बताया कि उसके साथ फाइनल ईयर की स्टूडेंट साक्षी, विनोद मोटवानी, मनोज साही, फोर्थ ईयर का स्टूडेंट भरत सत्यावली व इसी वर्ष पढ़ाई के लिए आया राहुल चजालना भी साथ में है। गीतिका ने बिलासपुर के डॉ.सुधांकर तिवारी के माध्यम से यूक्रेन की यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था। इनके पास इस शहर में रहने के लिए कोई जगह नहीं है। यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करने पर भी कोई समाधान नहीं हो रहा है। एक आंकलन के अनुसार 15 हजार से अधिक भारतीय यहां फंसे हुए हैं।
0 भारत सरकार करे मदद-
इन स्टूडेंट ने कहा कि उनकी वाट्सअप कॉल पर परिजनों से बात हो रही है। कभी नेटवर्क भी नहीं मिलता। हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार ने दिल्ली में मदद के लिए अधिकारी तैनात कर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं किन्तु वहां से भी जो जहां है फिलहाल वहीं रहे, यह सलाह दी जा रही है। एक छात्र ने बताया कि तीन दिन पहले एयर इंडिया ने अपनी टिकट के दाम दोगुने से ज्यादा कर दिए। पहले 30-32 हजार टिकट थी जो बढ़कर 78-80 हजार कर दी गई। हालांकि बाद में इसे लगभग 60 हजार किया गया। दूसरी एयर लाइंस लगभग 40 हजार की टिकट दे रही थीं, किन्तु बाद में वहां भी सीट नहीं थी। भारत सरकार को चाहिए कि वह तत्काल यहां से एयर लिफ्ट करने की व्यवस्था करवाएं।
0 अब तक 73 लोगों ने किया है संपर्क
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन दिन पहले ही यूक्रेन में फंसे स्टूडेंट की मदद के लिए निर्देश जारी किए थे। छत्तीसगढ़ सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं जिसमें लंैडलाइन नम्बर 01146156000, मोबाइल नम्बर 99970-60999 व फैक्स नम्बर 01146156030 शामिल है। यहां संपर्क अधिकारी गणेश मिश्रा हैं।उन्होंने बताया कि अब तक उनसे छत्तीसगढ़ के 73 स्टूडेंट के परिजनों ने संपर्क किया है जो कोरबा, बिलासपुर, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव सहित अन्य शहरों के हैं। चूंकि अब युद्ध शुरू हो गया है तब यही सलाह है कि जो जहां हैं वहीं सुरक्षित रहें। सारे एयर आपरेशन बंद हैं। कीव स्थित भारतीय दूतावास में अंबरीश वेमुरी से संपर्क करने के लिए छात्रों से कहा गया है।

इन्होंने भी जारी किया नम्बर: यूक्रेन में किसी के सगे सम्बन्धी को सहयोग की आवश्यकता हो तो हिन्दू स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक सूर्य मणि से संपर्क कर सकते हैं। कोरबा के भाजपा नेता अमित टमकोरिया ने बताया कि इस हेतु सूर्यमणि के नंबर +38 073 1008 108 पर संपर्क किया जा सकता है।

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