
कोरबा(खटपट न्यूज़)। जिले में बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने गंभीरता दिखाई है। उन्होंने इसके लिए शासन द्वारा पदस्थ यातायात डीएसपी शिवचरण सिंह परिहार को आवश्यक निर्देश व आदेश जारी किए हैं।
एसपी ने कहा है कि जिले में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, आवागमन को सुचारू रूप से संपादित कराने हेतु शासन की ओर से शिवचरण सिंह परिहार की नियुक्ति उप पुलिस अधीक्षक, यातायात कोरबा के रूप में की गई है। जिला कोरबा के शहरी इलाकों में जैसे टीपी नगर, सुनालिया चौक, बुधवारी चौक, घण्टाघर चौक, सुभाष चौक, कोसाबाड़ी चौक, महाराणा प्रताप चौक, सीएसईबी चौक, नया एवं पुराना बस स्टैण्ड, रेल्वे स्टेशन, गौमाता चौक, सीतामणी चौक, सर्वमंगला चौक आदि जगहों पर यातायात का अधिक दबाव रहता है, जिसके कारण दुर्घटना घटित होने की संभावना बनी रहती है।

इन परिस्थतियों को देखते हुए शिवचरण सिंह परिहार, उप पुलिस अधीक्षक, यातायात को जिला पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल द्वारा निर्देशित किया गया है कि टीपी नगर चौक स्थित यातायात ऑफिस में उपस्थित रहकर शहर के यातायात को सुचारू रूप से संचालित करने संबंधी कर्तव्य का निर्वहन करेंगे।
0 निगम प्रशासन को भी समझनी होगी जिम्मेदारी ; यहां उलेखनीय है कि यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस और यातायात विभाग द्वारा कवायद तो की जा रही है लेकिन नगर पालिक निगम का प्रशासनिक और मैदानी अमला अपेक्षित जिम्मेदारी का निर्वहन करता नजर नहीं आता है। दुकानों का व्यवस्थापन, सड़क किनारे और अक्सर बीच सड़क पर, सड़कों के मोड़ पर, आंतरिक सड़कों के मुख्य मार्ग से जुड़ने वाले छोर पर बेतरतीब ढंग से खड़े रहने वाले ठेलों-खोमचों, लगी दुकानों के अलावा अव्यवस्थित ढंग से सड़क तक लगने वाले बाजारों, पसरों एवं दुकानों के बाहर सड़क तक रखे जाने वाले सामानों को व्यवस्थित कराने का जिम्मा नगर निगम का है। नगर निगम के अधिकारी सब कुछ देख कर भी अपने संबंधों को खराब होने से बचाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं करते। एक तरह से सारा ठीकरा पुलिस पर ही फोड़ दिया जाता है जबकि यह जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की भी है। उनके व्यवस्था बनाने में किसी भी तरह के कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने पर सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। सड़क पर यातायात बाधित करने वाले वाहन चालकों व अन्य पर कार्यवाही की जिम्मेदारी यातायात विभाग की है लेकिन नगर निगम के समन्वित पहल और सामंजस्य का अभाव के कारण यातायात व्यवस्था इन दिनों काफी बद से बदतर हो चली है। ट्रांसपोर्ट नगर में तो काफी चौड़ी सड़क होने के बाद भी सड़क के आधेभाग तक आड़े-तिरछे वाहन खड़े रहते हैं जबकि पुराना शहर में दुकानों के बाहर, ओवर ब्रिज के नीचे मोड़ पर आधे-आधे रास्ते तक ठेलों को बेतरतीब लगे देखा जा सकता है। इन ठेलों और खोमचों को एक व्यवस्थित जगह देना नगर निगम की जिम्मेदारी है पर इससे वह मुंह मोड़े हुए है। अव्यवस्थित रूप से लगे दुकानों को भी व्यवस्थित करना नगर निगम की जिम्मेदारी बनती है लेकिन वह भी नजर नहीं आता। व्यापारियों को भी इसमें सहयोग करना होगा, वाहन चालकों को भी यातायात नियमों का पालन कर वाहनों को व्यवस्थित ढंग से खड़े करने की जिम्मेदारी निभानी होगी। कहावत है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता तो यही बिगड़ती यातायात व्यवस्था में भी लागू होता है और पुलिस को नगर निगम, आम जनता, वाहन मालिकों/चालकों और व्यवसायियों के सहयोग की आवश्यकता है।
00सत्या पाल00(7999281136)















