Monday, March 23, 2026
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मोदी सरकार का कानून देश के किसानों को पूरी तरह से बर्बाद करने वाला, गांव-गांव फूंका मोदी-अडानी व अंबानी का पुतला….

0 कृषि कानून में संशोधन वापस लेने की मांग को मिल रहा समर्थन


कोरबा(खटपट न्यूज़)। केन्द्र सरकार के तीनों किसान कानून सहित बिजली कानून में संशोधन को वापस लेने की मांग पर दिल्ली में हो रहे किसान आंदोलन को कोरबा जिले में भी समर्थन जारी है। देशव्यापी आह्वान पर शनिवार को ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति, छत्तीसगढ़ किसान सभा व छत्तीसगढ़ किसान संगठन एवं आदिनिवासी गण परिषद ने संयुक्त रूप से आवाज बुलंद की। किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उद्योगपति अडानी और अम्बानी का पुतला जलाकर विरोध प्रकट किया गया।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के सुखरंजन नंदी, ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान संघर्ष समिति के गजेन्द्र तंवर व छत्तीसगढ़ किसान संगठन के बीएल नेताम की अगुवाई में ग्राम सिंघाली, अभयपुर, भेजीनारा, शुक्लाखार, लालपुर, अरदा, तेलसरा, मोंगरा आदि दर्जनों स्थानों पर पुतले फूंके गए। इन्होंने आलोचना करते हुये कहा कि कार्पोरेट घरानों के हित में मोदी सरकार का यह कानून किसानों के हितों में नहीं है व देश के किसानों को पूरी तरह से बर्बाद कर देगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य में सरकारी खरीदी को समाप्त कर देने से अब किसान अपने अनाज को बेचने के लिए पूरी तरह व्यापारियों व बड़े कार्पोरेट घरानों के रहमो-करम पर निर्भर हो जायेंगे, अपनी उपज के वाजिब दाम से वंचित हो जायेंगे। इन तीनों कृषि कानूनों में सरकार ने किसानों की हितों को पूरी तरह तिलांजली दे दी है। सरकार पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुये कहा कि समर्थन मूल्य समाप्त नहीं करने का जो ढिंढोरा सरकार पीट रही है वह पूरी तरह से भ्रामक है क्योंकि जब सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य में अनाज की खरीदी ही नहीं करेगी तो समर्थन मूल्य खत्म करने या नहीं करने का कोई मतलब ही नहीं रह जाता। किसान नेताओं ने इन सभी कानूनों को वापस लेने की मांग की है।

प्रदर्शन में सपूरन कुलदीप, टीसी सूरज, ललित महिलांगे, अशोक कंवर, प्रभु सिंह, गजानंद सिंह कुमार, शकुन पवार, लक्ष्मी, फागुन सिंह, विशाल सिंह, चंद्रपाल सिंह, राजकुमार, संतोष यादव, नीलू कंवर, चितरंजन, नारायण प्रकाश, राजेश यादव, रेशम यादव, सतीश चंद्रा, सन्तोष कश्यप, रामकुमार, अभिषेक कुमार, धनंजय, तुषार, राजकुमार, विशाल सिंह, संतोष कुमार, शांति बाई, सावित्री बाई, मिथला बाई, संतरा बाई, कमला बाई, मीणा बाई, रीता देवी ,नारायण सिंह विंध्यराज, दिनेश,राकेश, रवि, सौरभ आदिले, दिलेश उइके, एसके यादव, डीके देवांगन, भूपेंद्र गोंड़, रामजी शर्मा आदि शामिल हुए।

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