0 भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की दी है चेतावनी
कोरबा-हरदीबाजार (खटपट न्यूज़। पाली विकासखंड के तहसील हरदीबाजार के ग्राम पंचायत अमगांव के 111 आश्रित परिवारों की संपूर्ण चल-अचल परिसंपत्तियों का मुआवजा, बसाहट, पुर्नवास एवं सुविधाएं दिलाने के लिए नायब तहसीलदार को डाक के माध्यम से आवेदन प्रेषित किया गया है।

ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति संगठन के एसईसीएल गेवरा इकाई सह-सचिव ललित महिलांगे ने बताया कि लगभग साढ़े 5 दशकों से नापी का पावती दिए हुए मकानों के मुआवजा भुगतान को एसईसीएल ने यह कहकर रोका है कि पीड़ित 111 आश्रित परिवारों को राज्य शासन के नायब तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी का लिखित आदेश नहीं मिला है। पीड़ितों को मुआवजा राशि का भुगतान संभव नहीं है। इसके चलते आश्रित परिवारों की नापी का पावती दिए हुए मकानों का मुआवजा भुगतान लंबित है। इस तरह से एसईसीएल के प्रभावित गांवों में मुआवजा प्रकरण रोकने की यह पहली घटना है।
ललित महिलांगे ने बताया कि 26 नवंबर को हरदीबाजार के नायब तहसीलदार ने पीड़ितों का आवेदन लेने से साफ इंकार कर दिया और वजह बताया कि किसी व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत की है। कटघोरा के अनुविभागीय अधिकारी से से मुलाकात पर अधिकारी ने बताया कि मकानों का मुआवजा संबंधित फाइल को हरदीबाजार के नायब तहसीलदार के पास भेज दिया है और वे ही समाधान करेंगे। महिलांगे ने बताया कि अनेकों बार एसईसीएल एवं राज्य शासन के अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से निवेदन किया गया लेकिन आज पर्यन्त सिर्फ आश्वासन दिया गया और पीड़ित परिवारों को दर-दर भटकने मजबूर होना पड़ रहा है। श्री महिलांगे ने कहा कि संबंधित परिवारों को मुआवजा न मिलने पर विभिन्न आंदोलन चलाने की मजबूरी होगी जिसकी सभी जवाबदारी एसईसीएल व शासन-प्रशासन की रहेगी। इस दौरान अनिल टंडन (जनपद सदस्य), रविन बाई, अजय रात्रे, सामेल, संतोष, महिपाल, शीला, जानकी बाई, रमेश, नोनी बाई, श्यामलाल सतनामी आदि प्रभावित परिवार उपस्थित थे।















