0 राधा-कृष्ण संग फूलों की होली में सराबोर हुए नगरजन

कोरबा(खटपट न्यूज़)। कोतवाली परिसर में गोलोकवासी नरेन्द्र जायसवाल (बिल्लू) की स्मृति में आयोजित हो रहे श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के 7वें और अंतिम दिवस उपस्थित लोगों ने राधा-कृष्ण संग जमकर होली खेली। फूलों की होली ने एक अलग समां बांध दिया, लोग झूमते-नाचते मगन हो गए।

7 वें दिन की कथा में व्यासपीठ से कथावाचक कार्ष्णि नागेन्द्र महाराज ने सुदामा चरित्र, श्रीकृष्ण उद्धव संवाद, परीक्षित मोक्ष के प्रसंगों का बड़े ही मार्मिक और संगीतमय भजनों के साथ वर्णन किया। सुदामा और कृष्ण की मित्रता को महान बताते हुए मित्र वही है जो हमेशा दु:ख में काम आए। उन्होंने कहा कि जिसके मन में राम हो उससे बड़ा कोई स्टैण्डर्ड नहीं और जिसके हृदय में श्रीकृष्ण की भक्ति हो, उससे बड़ा कोई भक्त नहीं।

संसार में रहते हुए हमें भक्ति करना है। भगवान के नाम से भवसागर पार हो जाते हैं और उन्हीं भगवान से संबंध जोड़कर सुदामा से भवसागर को पार कर लिया। सुदामा को दरिद्र कहा जाता है किंतु दरिद्र उसे कहते हैं जिसके जीवन में असंतोष हो और सुदामा के जीवन में असंतोष नाम की कोई वस्तु नहीं थी। नागेन्द्र महाराज ने कहा कि व्यक्ति को बिगाड़ने का काम सुंदर रूप, युवा अवस्था, ज्यादा संपत्ति का आना और सत्ता का मिल जाना, ये चार चीजें करती है। ये चार चीजें जिसे मिल गई वह अधर्म के रास्ते पर चला ही जाता है यदि उसके पास विवेक न हो।

00 सत्या पाल 00 (7999281136)















