Monday, March 23, 2026
Home कोरबा माँ मड़वारानी मंदिर के नाम पर चल रही दुकानदारी बन्द होगी, ट्रस्ट...

माँ मड़वारानी मंदिर के नाम पर चल रही दुकानदारी बन्द होगी, ट्रस्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू….मंदिर का राजनीतिकरण नहीं करने की मांग…

कोरबा-बरपाली( खटपट न्यूज़)। माँ मड़वारानी मंदिर को एक न्यास के हवाले करने की कार्यवाही शुरू हो गई है। कोरबा के अनुविभागीय दंडाधिकारी(रा.) सुनील नायक ने इसके लिए वांछित औपचारिकताएं पूरी करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि माँ मड़वारानी परिसर में वर्तमान में तीन समितियां अलग-अलग कार्य नीचे और ऊपर के मंदिरों के रखरखाव के लिए कर रही हैं। ऊपर मे दो समिति तथा नीचे मंदिर में एक समिति मड़वारानी देवी के नाम पर अपनी-अपनी दुकानदारी चला रहे हैं लेकिन सुविधा के नाम पर दर्शनार्थियों को भटकते देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक देवी- देवताओं के नाम पर भी काफी दिनों से राजनीति करने का चलन यहां आम हो गया है। यही कारण है कि मड़वारानी का अपेक्षित विकास अभी तक नहीं हो पाया है। पर्वत वासिनी मंदिर परिसर पर दो समिति का कब्जा है। उनमें से एक कांग्रेस तो दूसरा भाजपा समर्थित।का है। बताया जा रहा है कि नीचे मंदिर में एक समिति का कब्जा है जो भाजपा का ही है लेकिन समिति के पदाधिकारी अलग हैं।

मड़वारानी में वर्ष में दो बार मेला लगता है, प्रथम शारदीय नवरात्रि तथा दूसरा चैत्र नवरात्रि में। चैत्र नवरात्रि की अपेक्षा शारदीय नवरात्रि में अधिक भीड़ होता है क्योंकि यहां का नवरात्रि तीन दिन के बाद प्रारंभ होता है जिसके कारण दूर-दूर से श्रद्धालु यहां आकर देवी का दर्शन का पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। पर्वतवासिनी मंदिर जाने के लिए तीन रास्ते हैं, प्रथम मुख्य मार्ग पर स्थित नीचे मंदिर के बगल से, दूसरा पुरैना गांव से तथा तीसरा ग्राम बरपाली से होकर चुहरी के रास्ते। उपरोक्त तीनों रास्ते से आसपास के गांव वाले तथा दूर से आने श्रद्धालु यहां आते हैं लेकिन ऊपर मंदिर में कोई विशेष सुविधा नहीं है। यहां तक कि पानी भी खरीद कर पीना पड़ता है जिसके कारण पिछले कई वर्षों से प्रबुद्ध नागरिकों खासकर क्षेत्रीय पत्रकारों ने मड़वारानी में ट्रस्ट बनाने की पुरजोर मांग की थी। इस मांग को वर्ष 1997 में तत्कालीन अनुविभागीय दंडाधिकारी एवं जनपद पंचायत करतला के मुख्य कार्य पालन अधिकारी अशोक तिवारी ने गंभीरता से लिया और एक अस्थायी समिति का गठन भी किया था ताकि स्थाई रूप से न्यास बनने तक मंदिर तथा मेला के संचालन में कोई व्यवधान उत्पन्न ना हो लेकिन दुर्भाग्य से तथा कथित अस्थायी समिति में कुछ राजनीतिक दल के लोग जुड़ गए और अपने हिसाब से चलाने लगे हैं। आज भी एक समिति में उन्हीं का वर्चस्व है जबकि मंदिर जैसे आस्था स्थल का राजनीतिकरण उचित नहीं।
कोरबा के वर्तमान अनुविभागीय दंडाधिकारी (रा.) सुनील नायक की पहल इस मामले प्रशंसनीय कही जा रही है जिन्होंने मड़वारानी में ट्रस्ट बनाने की औपचारिकताओं को प्रारंभ कर दिया है। उम्मीद की जानी चाहिए कि यह बहुप्रतीक्षित मांग अब जल्द पूरी होगी। स्थानीय लोगों ने एसडीएम व प्रशासन से निवेदन किया है कि नवगठित ट्रस्ट में मड़वारानी व के आसपास के गांवों के प्रबुद्ध नागरिकों को अवश्य शामिल किया जाना चाहिए जो मड़वारानी से भावनात्मक तथा भौगोलिक रूप से जुड़े हुए हैं। इन गांवों में ग्राम खरहरी,बीरतराई, महोरा,झींका,सण्डैल,बरपाली, पुरैना, मड़वारानी, परसाभाठा,खरहरकुडा़ तथा नाका आदि शामिल हैं।

Advertisement Carousel