
कोरबा(खटपट न्यूज़)। सामाजिक कार्यकर्ता विनोद सिन्हा ने जारी एक बयान में कहा है कि कोरबा नगर निगम क्षेत्र में विकास की गति धीमी होने, लगातार बढ़ रही समस्याओं के चलते आम जनता को हो रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए महापौर को इस्तीफा दे देना चाहिए
कांग्रेस के ही राजस्व मंत्री ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर नगर निगम में बढ़ रही समस्याओं की पोल खोल दी है। उनका कहना है कि नगर निगम में आम जनता द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर बढ़ रही समस्याओं को गिनाते हुए व शहर के प्रायः सभी वार्डों से आम जनता द्वारा राजस्व मंत्री के समक्ष समस्या रखने के कारण आयुक्त से समस्याओं का विवरण मांगा गया है। इससे प्रतीत होता है कि शहर विकास में महापौर की भूमिका नगण्य है इसलिए महापौर जी को कांग्रेस झेल सकती है। नगर निगम की जनता अब अधिक दिनों तक झेलने के लिए तैयार नहीं है इसलिए महापौर को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि नगर का समुचित विकास हो सके।
विनोद सिन्हा ने कहा है कि जब से नगर निगम में कांग्रेस महापौर स्थापित हैं तब से संपन्न नगर निगम अब दिवालियापन की ओर तेजी से बढ़ रही है। नगर निगम अंतर्गत अधिकतर विकास कार्य विधायक निधि, सांसद निधि, विधानसभा अध्यक्ष निधि तथा खनिज न्यास निधि से ही हो रहे हैं। नगर निगम की बजट राशि कितने विकास कार्यों में खर्च हो रही है,यह आम जनता बखूबी समझ रही है इसलिए कोरबा नगर निगम का विकास अब संभव नहीं लग रहा है। नगर निगम में व्याप्त समस्याओं को राजस्व मंत्री ने भी उठा कर यह साफ कर दिया है कि अब नगर निगम में जन समस्याओं का समाधान होना कठिन है इसलिए महापौर का एक क्षण भी अपने पद पर बने रहना उचित नहीं है।















